पलामू, 18 मार्च (हि.स.)। रामनवमी, सरहुल और ईद-उल-फितर पर्व के मद्देनजर उपायुक्त समीरा एस और पुलिस अधीक्षक रीष्मा रमेशन की संयुक्त अध्यक्षता में बुधवार को जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक स्थानीय पंंंडितत दीनदयाल उपाध्याय स्मृति नगर भवन में आयोजित की गयी।

बैठक में उपायुक्त ने कहा कि त्योहार खुशियां बांटने और आपसी भाईचारा बढ़ाने का अवसर होता है। सभी लोग संयमित और अनुशासित तरीके से शांति और सौहार्दपूर्ण वातावरण में त्योहार मनाएं। उन्होंने बताया कि प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और सभी आवश्यक तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। उपायुक्त ने बताया कि जुलूस मार्गों पर सीसीटीवी व ड्रोन से निगरानी की जाएगी, वहीं चिन्हित स्थलों पर पर्याप्त संख्या में दंडाधिकारी एवं पुलिस बलों की तैनाती रहेगी। अफवाह फैलाने वाले असामाजिक और अराजक तत्वों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उपायुक्त ने कहा कि इन दिनों सोशल एवं डिजिटल मीडिया पर एडिटेड वीडियो और एआई जेनरेटेड वीडिओज का चलन है, ऐसे में बिना वेरिफिकेशन के वीडिओज़ शेयर करने से बचें। जुलूस मार्गों पर किसी भी प्रकार का निर्माण सामग्री नहीं रखने का निर्देश दिया।
वहीं पुलिस अधीक्षक ने कहा कि जिले में 400 से अधिक रामनवमी अखाड़ा की ओर से जुलूस निकाले जाएंगे। वहीं ईद को लेकर 250 से अधिक स्थानों पर नमाज़ पढ़ने की सूचना के मद्देनजर विधि व्यवस्था को सुदृढ़ किया जा रहा है और अतिरिक्त पुलिस बल, चौकीदारों एवं होमगार्ड जवानों की तैनाती की गयी है।
एसपी ने जुलूस निर्धारित मार्गों पर ही निकालने, भड़काऊ गाने नहीं बजाने, डीजे का उपयोग नहीं करने और साउंड को नियंत्रित रखने की अपील की। उन्होंने बताया कि आगामी दिनों में सभी संवेदनशील क्षेत्रों में फ्लैग मार्च किया जाएगा और प्रमुख मार्गों पर सीसीटीवी के माध्यम से निगरानी रखी जाएगी।
बैठक में जुलूस मार्गों की सुरक्षा, यातायात व्यवस्था, बिजली आपूर्ति, पेयजल,स्वास्थ्य सेवाएं, साफ-सफाई, फायर ब्रिगेड और एंबुलेंस की व्यवस्था सहित विभिन्न बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा की गई।
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हिन्दुस्थान समाचार / दिलीप कुमार
