कोलकाता, 11 मार्च (हि.स.)। पश्चिम बंगाल में अदालतों, डाकघरों और पासपोर्ट कार्यालयों को भेजी गई बम धमकी की हालिया घटनाओं की जांच में सामने आया है कि आरोपितों ने अपनी पहचान छिपाने के लिए विदेशी सर्वरों और वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क (वीपीएन) का इस्तेमाल किया।

राज्य पुलिस के जांच अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि धमकी भरे ई-मेल का डिजिटल सुराग भारत के बाहर स्थित सर्वरों से जुड़ा हुआ मिला है। मामले का मुख्य साजिशकर्ता अभी फरार है और उसकी तलाश जारी है।
पिछले सप्ताह राज्य के विभिन्न हिस्सों, विशेषकर कोलकाता में बम की धमकी वाले कई ई-मेल मिलने से दहशत फैल गई थी। अलग-अलग दिनों में अदालतों, डाकघरों और पासपोर्ट कार्यालयों को ऐसे संदेश भेजे गए थे। ताजा मामला दक्षिण कोलकाता के गोल्फ ग्रीन इलाके स्थित रीजेंट पार्क डाकघर का है, जहां पिछले मंगलवार को धमकी भरा ई-मेल मिला था।
धमकी मिलने के बाद पुलिस और बम निरोधक दस्ता मौके पर पहुंचा। पूरे परिसर को खाली कराकर कई घंटों तक तलाशी ली गई, लेकिन कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। हालांकि जांच एजेंसियों ने आगे भी ऐसी कोशिशों की आशंका से इनकार नहीं किया है।
इससे पहले कोलकाता और राज्य के अन्य जिलों की कई अदालतों के न्यायाधीशों को भी इसी तरह के धमकी भरे ई-मेल मिले थे। इस मामले की जांच पश्चिम बंगाल पुलिस और कोलकाता पुलिस के विशेष कार्यबल द्वारा संयुक्त रूप से की जा रही है।
पुलिस के अनुसार हाल के महीनों में देश के विभिन्न हिस्सों में इस तरह की झूठी बम धमकियों के मामले सामने आए हैं। अलग-अलग राज्यों की जांच एजेंसियां आरोपितों तक पहुंचने के लिए आपस में सूचनाएं साझा कर रही हैं। एक सुराग के आधार पर गुजरात पुलिस ने हाल ही में एक युवक को गिरफ्तार कर पश्चिम बंगाल लाया है।
अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार युवक ने स्वयं धमकी वाले ई-मेल नहीं भेजे, लेकिन उसकी ई-मेल पहचान का इस्तेमाल इस साजिश में किया गया था।
जांच में यह भी सामने आया है कि साइबर अपराधों में इस्तेमाल होने वाली ई-मेल पहचान कई बार इंटरनेट पर खरीदी और बेची जाती हैं, कई मामलों में मूल उपयोगकर्ता को इसकी जानकारी भी नहीं होती। इससे संगठित गिरोह की संलिप्तता की आशंका जताई जा रही है। जांच एजेंसियों के अनुसार गिरफ्तार युवक की भी ऐसी गतिविधियों में संलिप्तता की आशंका है।
जांच में यह भी पुष्टि हुई है कि ईमेल भेजने वालों ने अपनी वास्तविक लोकेशन छिपाने के लिए वीपीएन सेवाओं का सहारा लिया था।——————-
हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर
