रांची, 07 फ़रवरी (हि.स.)। राजधानी रांची स्थित पारस एचईसी हॉस्पिटल ने जटिल नवजात चिकित्सा में महत्वपूर्ण सफलता हासिल करते हुए 21 दिन की एक गंभीर रूप से बीमार नवजात बच्ची की जान बचाई है। यह जानकारी अस्पताल प्रबंधन ने शनिवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में दी।

विज्ञप्ति के अनुसार, बच्ची को गंभीर हालत में भर्ती कराया गया था। उसे तेज पीलिया, सांस लेने में कठिनाई और शॉक की स्थिति थी। प्रारंभ में मामला गंभीर संक्रमण या सेप्सिस जैसा प्रतीत हो रहा था, लेकिन समय पर सटीक इलाज से उसकी स्थिति में सुधार हुआ। अब उसे वेंटिलेशन सपोर्ट से हटाकर फुल फीड पर रखा गया है और आगे की हृदय सर्जरी के लिए रेफर किया गया है।

पारस एचईसी हॉस्पिटल के शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. निशांत पाठक और उनकी टीम ने बच्ची को हाई फ्रीक्वेंसी ऑसिलेटरी वेंटिलेशन (एचएफओव) और इनोट्रोप सपोर्ट पर रखा। विस्तृत जांच में संक्रमण के प्रमाण नहीं मिले। आगे की जांच में बच्ची में दुर्लभ जी6पीडी डेफिशिएंसी की पुष्टि हुई, जो बालिकाओं में अत्यंत कम पाई जाती है। साथ ही इकोकार्डियोग्राफी में लगभग 10 मिमी का एओर्टोपल्मोनरी विंडो नामक जन्मजात हृदय दोष पाया गया, जो बेहद दुर्लभ स्थिति है।
अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि अत्याधुनिक नवजात आईसीयू सुविधा और विशेषज्ञ चिकित्सकीय टीम के समन्वित प्रयासों से यह सफल उपचार संभव हो पाया।—————-
हिन्दुस्थान समाचार / Manoj Kumar
