भराड़ीसैण, 12 मार्च (हि.स.)। विधानसभा के बजट सत्र के चौथे दिन भराड़ीसैण स्थित विधान भवन में उस समय गतिरोध की स्थिति पैदा हो गई, जब पीठ की ओर से दिए गए निर्देश के बावजूद सरकार ने घरेलू गैस सिलेंडरों की आपूर्ति को अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर का विषय बताते हुए इस पर जवाब देने से इनकार कर दिया। इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच काफी देर तक नोकझोंक और हंगामा होता रहा। बाद में सरकार के चर्चा में शामिल होने पर गतिरोध समाप्त हुआ।

सदन की कार्यवाही के दौरान शून्यकाल में नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य और विधायक प्रीतम सिंह ने गैस की कालाबाजारी रोकने और खाद्य आपूर्ति की कीमतों को स्थिर रखने को लेकर नियम 310 के तहत नोटिस दिया। विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूरी भूषण ने इसे नियम 58 के तहत स्वीकार कर लिया।
भोजनावकाश के बाद जब इस नोटिस पर चर्चा का समय आया तो सत्ता पक्ष ने इसमें भाग लेने से इनकार कर दिया। संसदीय कार्य मंत्री सुबोध उनियाल ने पीठ को बताया कि घरेलू गैस सिलेंडरों की आपूर्ति केंद्र सरकार का विषय है। राज्य सरकार के अधिकार क्षेत्र से बाहर होने के कारण इस विषय पर चर्चा में भाग लेना और जवाब देना संभव नहीं है।
इस पर विपक्ष आक्रामक हो गया। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य और विधायक प्रीतम सिंह ने कहा कि सरकार पीठ के निर्देशों की अवहेलना कर रही है। उनका कहना था कि जब इस विषय पर चर्चा का निर्देश पीठ से आ चुका है तो सरकार इसकी अनदेखी नहीं कर सकती और यह सदन व स्पीकर का भी अपमान है।
बहस के दौरान भाजपा विधायक मुन्ना सिंह चौहान ने कहा कि राज्य सरकार ने अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है और इस तरह पीठ के निर्देशों का पालन हो चुका है। वहीं कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा ने कहा कि सरकार गैस की कालाबाजारी रोकने को लेकर गंभीर है और इसके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
विपक्ष इस जवाब से संतुष्ट नहीं हुआ और सरकार पर चर्चा से बचने का आरोप लगाया। इस मुद्दे पर सदन में काफी देर तक हंगामा होता रहा, जिसके चलते कार्यवाही को दो बार स्थगित करना पड़ा। शाम 4:15 बजे कार्यवाही दोबारा शुरू होने पर सत्ता पक्ष चर्चा में भाग लेने के लिए तैयार हो गया। इसके बाद नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने चर्चा की शुरुआत की और सत्ता पक्ष ने उसका जवाब दिया।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय
