जबलपुर, 11 फ़रवरी (हि.स.)। जस्टिस जीएस अहलूवालिया की सिंगल बेंच ने छतरपुर पुलिस द्वारा एक आपराधिक मामले के काउंटर केस डायरी पेश न किए जाने को लेकर तल्खी दिखाई। मंगलवार को सुनवाई के दौरान आरोपी की ओर से अधिवक्ता अमन सोनी हाजिर हुए। शासन की ओर से कहा गया कि दूसरे दिन दर्ज हुए केस डायरी उपलब्ध नहीं है। इस बयान पर अदालत ने कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि विवेचना अधिकारी के रवैये से साफ है कि वो नहीं चाहते कि इस जमानत अर्जी पर सुनवाई हो सके। यही वजह है कि उन्होंने दूसरे मामले की केस डायरी नहीं भेजी। पुलिस के रवैये को आड़े हाथों लेते हुए अदालत ने आरोपी महिला को अग्रिम जमानत का लाभ दिया।

यह अग्रिम जमानत अर्जी छतरपुर जिले के भगवां थानांतर्गत ग्राम महीखेड़ा में रहने वाली दिव्याराजा उर्फ देवकुमारी सिंह की ओर से दायर की गई थी। 19 जनवरी 2025 को कचरा फेंकने के विवाद पर गांव में दो पक्षों के बीच विवाद हुआ। दिव्याराजा के पक्ष ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। उसके अगले दिन दूसरे पक्ष ने दिव्याराजा व उसके परिजनों के खिलाफ भी रिपोर्ट दर्ज करा दी। अगले दिन दर्ज हुई एफआईआर में अग्रिम जमानत का लाभ पाने यह अर्जी दाखिल की गई थी।

हाईकोर्ट बेंच ने कहा कि पुलिस का ऐसा दुस्साहस भरा रवैया स्वीकार्य नहीं है और पुलिस को देश के किसी भी नागरिक के जीवन और स्वतंत्रता को छीनने की इजाजत नहीं दी जा सकती।
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हिन्दुस्थान समाचार / विलोक पाठक
