जयपुर, 04 अप्रैल (हि.स.)। एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) और जोधपुर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में जोधपुर की पॉश सोसायटी आशापूर्णा प्लेटिनम के एक फ्लैट में चल रही ड्रग फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया गया है। कार्रवाई में अंतरराष्ट्रीय बाजार में 2 करोड़ रुपए से अधिक कीमत की एमडी ड्रग, नशीली गोलियां और मादक पदार्थ बनाने का भारी जखीरा बरामद किया गया है।

इस ऑपरेशन की रूपरेखा अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक दिनेश एमएन के निर्देशन में तैयार की गई। एसपी ज्ञानचंद यादव और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नरोत्तम वर्मा के सुपरविजन में टीमों ने कार्रवाई को अंजाम दिया।
एडीजी दिनेश एमएन ने बताया कि 2 अप्रैल को बनाड़ क्षेत्र में एक अन्य ड्रग फैक्ट्री का खुलासा कर 3 किलो से अधिक एमडी और 55 किलो से ज्यादा केमिकल बरामद किया गया था। पूछताछ में आरोपी गणपतराम ने खुलासा किया कि वह केवल मोहरा है और मुख्य आरोपी भरत विश्नोई उर्फ आसुराम उर्फ लक्की है, जो अपनी पहचान छुपाकर आशापूर्णा प्लेटिनम के फ्लैट में रहकर ड्रग तैयार कर रहा था।
पुलिस टीम ने फ्लैट का दरवाजा तोड़कर तलाशी ली, जहां अलमारी में रखे बैग से नशीले पदार्थों का बड़ा जखीरा मिला। एफएसएल और एनसीबी टीम ने पुष्टि की कि बरामद पदार्थ मेफेड्रोन (एमडी) और उच्च गुणवत्ता वाले केमिकल हैं।
कार्रवाई में 366 ग्राम शुद्ध एमडी, 1.178 किलोग्राम उच्च श्रेणी का केमिकल, 3.663 किलोग्राम (2000 से अधिक) नशीली गोलियां, इलेक्ट्रॉनिक कांटा, पैकिंग सामग्री और अन्य उपकरण जब्त किए गए।
पूछताछ में गणपतराम ने बताया कि आर्थिक तंगी और कर्ज के चलते उसे इस अवैध कारोबार में धकेला गया।
पुलिस के अनुसार इस कार्रवाई से 5 किलो से अधिक नशीले पदार्थ बाजार में जाने से रोके गए हैं और जोधपुर में सक्रिय एक बड़े ड्रग नेटवर्क को झटका लगा है। मुख्य आरोपी भरत विश्नोई फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस की टीमें दबिश दे रही हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश
