रायपुर, 20 मार्च (हि.स.)। फर्जी कॉल सेंटर संचालित कर देश भर में करोड़ो रुपये की ठगी करने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह का भण्डाफोड़ करते हुए छत्तीसगढ़ पुलिस ने तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई दिल्ली एनसीआर में की गई, जहां आरोपितों ने गौर सिटी मॉल में कॉल सेंटर खोल रखा था। आरोपितों के कब्जे से 3 नग मोबाईल फोन जब्त किया गया है।

राजधानी से लगे मुजगहन थाना क्षेत्र के निवासी परमजीत सिंह चड्डा ने गत दिनों शिकायत दर्ज कराई। उन्हें फोन कर बताया गया कि, उनकी बीमा पॉलिसी की मैच्योरिटी राशि करीब 98 लाख 64 हजार रुपये है, जिसे प्राप्त करने के लिए प्रोसेसिंग फीस और अन्य चार्ज जमा करने होंगे। झांसे में आकर उन्होंने अलग-अलग किश्तों में कुल 9 लाख 60 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। बाद में दस्तावेजों की जांच कराने पर पता चला कि उनके साथ ठगी हुई है। इसके बाद आरोपितों के विरूद्ध थाना मुजगहन में अपराध क्रमांक 24/26 धारा 318(4) बी.एन.एस., 66डी आई टी एक्ट का अपराध पंजीबद्ध किया गया।
ठगी की घटना को पुलिस उपायुक्त (क्राइम एण्ड साईबर) स्मृतिक राजनाला, पुलिस उपायुक्त (पश्चिम क्षेत्र) संदीप पटेल के निर्देशन में एण्टी क्राईम एण्ड साईबर यूनिट की विशेष टीम का गठन कर अज्ञात आरोपितों की पतासाजी कर गिरफ्तार करने निर्देश दिये गये थे। जिस पर एण्टी क्राइम एण्ड साईबर यूनिट एवं थाना मुजगहन की संयुक्त टीम द्वारा अज्ञात आरोपितों की पतासाजी करना प्रारंभ किया गया।
पुलिस अधिकारियों ने शुक्रवार को मामले का खुलासा करते हुए बताया कि, अंतर्राज्यीय गिरोह पिछले करीब 9 महीने से सक्रिय था और बीमा पॉलिसी की मैच्योरिटी राशि दिलाने या लोन दिलाने के नाम पर लोगों को ठग रहा था। तकनीकी जांच और बैंक खातों के विश्लेषण के बाद पुलिस टीम ने आरोपितों की लोकेशन ट्रेस कर दिल्ली में दबिश दी। रेड के दौरान कॉल सेंटर से तीन आरोपितों—अनिल कुमार, अजय तिवारी और रिंकू सिंह (सभी निवासी गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश) को गिरफ्तार किया गया। उनके कब्जे से मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं, जिनका इस्तेमाल ठगी के लिए किया जा रहा था। जांच में सामने आया कि, आरोपित आवाज बदलकर महिला बनकर बात करते थे, ताकि लोगों को आसानी से भरोसे में लिया जा सके। वे फर्जी बैंक अकाउंट और मोबाइल नंबर का इस्तेमाल करते थे, जिससे उनकी पहचान छिपी रहे।
पूछताछ में आरोपितों ने स्वीकार किया कि, वे देशभर में लोगों को निशाना बनाकर करोड़ों रुपये की ठगी कर चुके हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह ने किन-किन राज्यों में वारदात को अंजाम दिया है। आरोपितों के विरूद्ध थाना मुजगहन में अपराध क्रमांक 24/26 धारा 318(4) बी.एन.एस., 66डी आईटी एक्ट का पंजीबद्ध अपराध किया गया है। आरोपितों से देश के अन्य राज्यों में भी ठगी की घटना के संबंध में पूछताछ की जा रही है।
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हिन्दुस्थान समाचार / गायत्री प्रसाद धीवर
