हल्द्वानी, 11 फ़रवरी (हि.स.)। गर्मी के मौसम में जंगलों को आग से बचाने के लिए तराई पूर्वी वन प्रभाग ने तैयारियों को तेज कर दिया है। वन विभाग की ओर से जंगलों पर सतत नजर रखने का काम किया जा रहा है। 15 फ़रवरी से फायर सीजन की शुरुआत होने जा रही है, जिसे देखते हुए मुख्यालय स्तर से 13 फ़रवरी को मॉक ड्रिल भी आयोजित की जाएगी। साथ ही लोगों के साथ मिलकर जन जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है।

इस बार वन विभाग जंगल की निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे और ड्रोन का भी उपयोग करेगा। ड्रोन के संचालन के लिए ट्रैक बनाई जाएंगी, जिनके माध्यम से ट्रक ड्रोन को अलग-अलग दिशाओं में भेजकर जंगलों की निगरानी करेंगे।

कुमाऊं मंडल के सबसे बड़े वन डिविजन में 9 रेंज में 53 क्रू स्टेशन बनाए गए हैं। साथ ही 160 फायरवॉटर और करीब 450 वनकर्मी तैनात किए गए हैं। डिवीजन में 16.5 हेक्टेयर क्षेत्र में आग रोकने के लिए 11 वॉच टावर और 23 ब्लोअर व अन्य अग्नि उपकरणों का उपयोग किया जाएगा।
डीएफओ, तराई पूर्वी वन विभाग हिमांशु बागरी ने बताया कि विभाग ने फायर वाचरों का सुरक्षा बीमा भी करवाया है। अगर किसी वॉचर की मौत होती है तो 5,00,000 का मुआवजा मिलेगा, जबकि घायल होने पर फ्री इलाज की व्यवस्था होगी। जंगल में आग लगाते हुए पकड़े जाने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ वन अधिनियम के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
हिन्दुस्थान समाचार / डी तिवारी
