रांची, 24 फ़रवरी (हि.स.)। झारखंड बजट 2026-27 पर चेंबर के अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा

ने मंगलवार को प्रतिक्रिया देते हुए इसे राज्य के विकास की दिशा में एक सकारात्मक पहल बताया है। साथ ही उन्हाेंने कहा कि उद्योगों के प्रोत्साहन के लिए बजट आवंटन को और बढ़ाने की आवश्यकता थी।

आदित्य मल्होत्रा ने कहा कि औद्योगिक विकास राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और इसके माध्यम से व्यापक स्तर पर रोजगार सृजन संभव है।
बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर, एमएसएमई और कौशल विकास पर दिया गया जोर सराहनीय है, लेकिन उद्योगों के लिए पूंजीगत निवेश, ब्याज सब्सिडी, तकनीकी उन्नयन और क्लस्टर विकास के लिए अधिक प्रावधान अपेक्षित थे। विशेष रूप से मैन्युफैक्चरिंग, फूड प्रोसेसिंग, टेक्सटाइल और खनिज आधारित उद्योगों के लिए समर्पित प्रोत्साहन पैकेज से निवेश को गति मिल सकती थी।
उन्होंने कहा कि औद्योगिक क्षेत्रों में भूमि उपलब्धता, प्लग-एंड-प्ले इंफ्रास्ट्रक्चर, सिंगल विंडो सिस्टम की प्रभावी क्रियान्वयन और समयबद्ध स्वीकृति प्रक्रिया पर और ठोस पहल जरूरी है। लॉजिस्टिक्स लागत कम करने, वेयरहाउसिंग और कोल्ड स्टोरेज को बढ़ावा देने की दिशा में भी बजट में अधिक स्पष्टता होनी चाहिए थी।
मल्होत्रा ने कहा कि व्यापार के दृष्टिकोण से जीएसटी अनुपालन में सरलीकरण, निरीक्षण प्रणाली में पारदर्शिता और छोटे व्यापारियों के लिए वित्तीय सहायता योजनाओं का विस्तार भी जरूरी है। निर्यात प्रोत्साहन, ई-कॉमर्स को बढ़ावा और स्थानीय उत्पादों के ब्रांडिंग एवं मार्केटिंग के लिए विशेष नीति राज्य के व्यापार को नई ऊंचाई दे सकती है।
कुल मिलाकर बजट संतुलित है, लेकिन उद्योग और व्यापार की वास्तविक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए और अधिक व्यवस्था और लक्ष्य आधारित प्रावधान किए जाने चाहिए थे।
उन्होंने कहा कि चेंबर सरकार के साथ निरंतर संवाद के माध्यम से राज्य को एक मजबूत औद्योगिक और व्यापारिक केंद्र बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
—————
हिन्दुस्थान समाचार / Vinod Pathak
