जगदलपुर, 06 फ़रवरी (हि.स.)। छत्तीसगढ़ के सुदूर वनांचल क्षेत्रों में प्रशासनिक दक्षता, पारदर्शिता और त्वरित सेवा सुनिश्चित करने की दिशा में राज्य सरकार ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। बस्तर संभाग के सभी जिलों में सरकारी कार्यप्रणाली को ‘ई-ऑफिस’ प्रणाली के माध्यम से हाईटेक और पेपरलेस बनाने के लिए 9 फरवरी से विशेष प्रशिक्षण अभियान शुरू किया जा रहा है।

सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार बस्तर संभाग के कांकेर, कोंडागांव, नारायणपुर, बस्तर, दंतेवाड़ा, सुकमा एवं बीजापुर जिलों में 9 फरवरी से 17 फरवरी तक सघन प्रशिक्षण सत्र आयोजित होंगे। इन सत्रों में अधिकारियों-कर्मचारियों को ई-ऑफिस, स्पैरो, ई-एचआरएमएस तथा आईगॉट जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के उपयोग का दो पालियों में व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण का उद्देश्य फाइल मूवमेंट को पूर्णतः पेपरलेस बनाते हुए कार्यों के निष्पादन में तेजी लाना तथा जवाबदेही को मजबूत करना है। प्रशासन ने निर्देश दिए हैं कि प्रत्येक विभाग और अधीनस्थ कार्यालय से कम से कम दो अधिकारियों या कर्मचारियों की उपस्थिति अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए, ताकि ई-गवर्नेस को जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू किया जा सके। बस्तर को प्राथमिकता देते हुए यह अभियान प्रदेशभर में चरणबद्ध तरीके से संचालित होगा। बस्तर एवं रायपुर संभाग में 9 फरवरी से, दुर्ग एवं बिलासपुर संभाग में 16 फरवरी से तथा सरगुजा संभाग में 23 फरवरी से प्रशिक्षण आरंभ किया जाएगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / राकेश पांडे
