
बस्ती, 09 फरवरी (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के जनपद बस्ती के परशुरामपुर थाने में तैनात दरोगा अजय कुमार गोंड का शव अयाेध्या में बरामद होने के बाद मामला बढ़ता जा रहा है। मृतक के पिता और भाई ने इसे सुनियोजित हत्या करार देते हुए सख्त कार्यवाही की मांग की है। मृतक दरोगा के एडीएम भाई के धरना पर बैठने से प्रशासन के हाथ पांव फूल गए। उन्होंने पूरे थाने को सस्पेंड कर क्षेत्राधिकारी के खिलाफ कार्यवाही की मांग की है। प्रशासनिक अधिकारियों ने दरोगा के परिजनों की डीआईजी से भेंट कराई और न्याय मिलने का आश्वासन दिलाया।

देवरिया जिले के मूड़ाडीह गांव निवासी अजय कुमार गोंड बस्ती जिले के परशुरामपुर थाने में तैनात थे। वे परिवार के साथ बस्ती के मिश्रौलिया मोहल्ले में किराए के मकान में रहते थे । वे बाइक समेत 5 फरवरी की शाम थाने से निकले और अचानक लापता हो गए । छह फरवरी को उनकी बाइक थाने से 50 किमी दूर कुआनो नदी के अमहट घाट के पास मिली और पुलिस टीम को कुआनो नदी में सर्च आपरेशन के बाद भी कोई सफलता नहीं मिली। इस बीच 8 फरवरी को अयोध्या की सरयू नदी में शव बरामद हुआ।

शव बरामद होने के बाद दरोगा के परिवारजनों ने इस मामले में साजिश का आरोप लगाते हुए कहा कि अजय की हत्या की गई है। मृतक दरोगा के एडीएम भाई अरुण कुमार अपनी पीसीएस पत्नी अंजू बस्ती में धरना शुरू कर पूरे थाने के खिलाफ कार्यवाही करने की मांग करने लगे। मामला गंभीरता होता देख बस्ती के प्रशासनिक अधिकारी कीर्ति प्रकाश भारती और एएसपी श्यामकांत, सीओ सदर सतेंद्र भूषण तिवारी मौके पर पहुंचे और परिजनाें के साथ उन्हें डीआईजी के पास ले गए। दरोगा के परिजनों ने बस्ती के डीआईजी संजीव त्यागी को पूरी घटना बताई कि किस प्रकार से दरोगा के गायब होने के बाद भी थाने की पुलिस लापरवाह और उदासीन बनी रही। मृतक दरोगा की पत्नी रंजीता ने कहा कि थाने की पुलिस ने उनके पति के लापता होने की जानकारी नहीं दी। डीआईजी ने परिजनों को आश्वस्त किया कि शिकायत और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
इस प्रकरण में बस्ती एसपी यशवीर सिंह का कहना है कि दरोगा अजय गौड़ का शव बरामद कर लिया गया है। मौत के वास्तविक कारणों का पता पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने पर चलेगा। उन्होंने बताया कि पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है और जांच में मिले तथ्यों के आधार पर कार्यवाही की जाएगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / महेंद्र तिवारी
