कानपुर, 17 अप्रैल (हि.स.)। अपनी बहनों-बेटियों की सुरक्षा करना सिर्फ जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज का पहला धर्म है। धर्मांतरण की घटनाएं अब छिटपुट नहीं रहीं, बल्कि एक सुनियोजित तरीके से बढ़ती हुई दिखाई दे रही हैं, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। हमारी संस्कृति और पहचान पर हो रहे ऐसे प्रहारों के खिलाफ पूरे समाज को एकजुट होकर खड़ा होना होगा। सरकार को चाहिए कि इस पर सख्त कानून बनाए और दोषियों के खिलाफ त्वरित व कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करे।

यह बातें शुक्रवार को विश्व हिंदू परिषद के प्रांत मंत्री राजू पोरवाल ने कही। अवैध धर्मांतरण के मुद्दे पर विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल ने शुक्रवार को प्रदेश भर में एक साथ प्रदर्शन कर विरोध दर्ज कराया। इस अभियान के तहत कानपुर के बड़ा चौराहा पर कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी कर सरकार से कड़े कदम उठाने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान अवैध धर्मांतरण बंद करो’ और ‘हमारी बहन-बेटियों की सुरक्षा करो’ जैसे नारों के साथ माहौल काफी देर तक गरमाया रहा। इस दौरान राजू पोरवाल ने कहा कि समाज को जागरूक रहकर अपनी संस्कृति और परंपराओं की रक्षा करनी होगी। उन्होंने आरोप लगाया कि धर्मांतरण के मामलों को अब अलग-थलग घटनाओं के रूप में नहीं देखा जा सकता, बल्कि यह एक संगठित पैटर्न के तौर पर सामने आ रहा है। उन्होंने फिल्म द केरला स्टोरी का जिक्र करते हुए कहा कि इस तरह के मामलों को गंभीरता से लेने की जरूरत है और सरकार को इस पर सख्त रुख अपनाना चाहिए। इस अवसर पर बजरंग दल के कई पदाधिकारियाें ने भी अपने विचार रखे।
प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि अवैध धर्मांतरण को रोकने के लिए प्रभावी कानून बनाए जाएं और ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। प्रदर्शन के दौरान कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित हुआ, हालांकि पुलिस की मौजूदगी में स्थिति नियंत्रित रही और कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से समाप्त हो गया।
हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप
