जालोर, 27 जनवरी (हि.स.)। झाब ग्राम पंचायत को पंचायत समिति घोषित कर बाद में आदेश निरस्त करने से क्षेत्र में भारी आक्रोश फैल गया है। मंगलवार को झाब सहित आसपास की 24 ग्राम पंचायतों के ग्रामीण एकजुट होकर 150 से अधिक बसों, कारों और बाइक रैली के साथ जालोर कलेक्ट्रेट पहुंचे और जोरदार प्रदर्शन किया।

ग्रामीणों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए पुलिस ने कलेक्ट्रेट के गेट पर बैरिकेड लगाकर रास्ता बंद कर दिया। इससे नाराज ग्रामीणों ने बैरिकेड हटाकर कलेक्ट्रेट में प्रवेश करने की कोशिश की, जिस पर पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर प्रदर्शनकारियों को पीछे धकेल दिया। इसके बाद स्थिति को नियंत्रित किया गया।

प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने कहा कि झाब को दोबारा पंचायत समिति घोषित करने की मांग को लेकर पिछले 31 दिनों से लगातार धरना-प्रदर्शन किया जा रहा है, लेकिन अब तक सरकार की ओर से कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जातीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
ग्रामीण कलेक्ट्रेट के सामने धरने पर बैठ गए हैं। इस आंदोलन में झाब क्षेत्र के बीजेपी कार्यकर्ता भी शामिल हो गए हैं, जिससे मामला राजनीतिक रूप से गर्मा गया है।
सांचौर विधानसभा के बीजेपी युवा मोर्चा मंडल के डूंगर सिंह ने कहा कि मैं अपनी ही सरकार से गुजारिश करता हूं कि झाब को पुनः पंचायत समिति घोषित किया जाए और जनमानस के हित में फैसला लिया जाए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कार्यकर्ताओं को पार्टी की रीढ़ बताया था, लेकिन आज वही कार्यकर्ता सड़क पर खड़ा है। कार्यकर्ता की रीढ़ की हड्डी तोड़ी जा रही है।
झाब के ही बीजेपी कार्यकर्ता मुकेश जैन ने कहा कि आज बीजेपी से ही बीजेपी कार्यकर्ता का झगड़ा हो रहा है। उनका कहना था कि जनहित के मुद्दे पर पार्टी को अपने ही कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों की बात सुननी चाहिए। प्रदर्शन को देखते हुए कलेक्ट्रेट परिसर में अतिरिक्त पुलिस जाप्ता तैनात किया गया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित
