भुवनेश्वर, 17 अप्रैल (हि.स.)।ओडिशा में हीमोफिलिया मरीजों के लिए जागरूकता बढ़ाने और उपचार सुविधाओं को सशक्त बनाने के उद्देश्य से राजधानी भुवनेश्वर स्थित कैपिटल हॉस्पिटल एवं पीजीआईएमईआर के हीमोफिलिया डे-केयर सेंटर में विश्व हीमोफिलिया दिवस मनाया गया।

इस अवसर पर मरीजों के लिए उन्नत चिकित्सा सेवाओं और नई उपचार सुविधाओं की शुरुआत की गई, जो राज्य में हीमोफिलिया देखभाल को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
कार्यक्रम में राज्य के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री मुकेश महालिंग मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने हीमोफिलिया मरीजों के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि सरकार द्वारा निःशुल्क उपचार, क्लॉटिंग फैक्टर की उपलब्धता और जागरूकता कार्यक्रमों को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है।
हर वर्ष 17 अप्रैल को मनाया जाने वाला विश्व हीमोफिलिया दिवस इस दुर्लभ आनुवंशिक रोग के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए समर्पित है।
हीमोफिलिया एक वंशानुगत रोग है, जिसमें रक्त का थक्का ठीक से नहीं बनता, क्योंकि शरीर में क्लॉटिंग फैक्टर की कमी या अनुपस्थिति होती है। इसके कारण मामूली चोट लगने पर भी लंबे समय तक रक्तस्राव होता है और कई मामलों में आंतरिक रक्तस्राव भी हो सकता है, जो गंभीर जोखिम पैदा करता है। यह बीमारी न केवल मरीजों बल्कि उनके परिवारों को भी गहराई से प्रभावित करती है।
मंत्री ने घोषणा की कि राज्य में जल्द ही नॉन-फैक्टर थेरेपी जैसी उन्नत उपचार पद्धति उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे बार-बार होने वाले रक्तस्राव के जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकेगा और मरीज अधिक स्वस्थ व सामान्य जीवन जी सकेंगे।
एक महत्वपूर्ण पहल के तहत ओडिशा में पहली बार एक्सटेंडेड हाफ-लाइफ फैक्टर VIII और वॉन विलेब्रांड फैक्टर थेरेपी की शुरुआत की गई है। इन आधुनिक उपचार विधियों से इंजेक्शन की संख्या कम होगी, मरीजों के जीवन स्तर में सुधार होगा और उन्हें अधिक स्वतंत्र जीवन जीने में मदद मिलेगी।
इस कार्यक्रम में कैपिटल हॉस्पिटल एवं पीजीआईएमईआर के निदेशक, ब्लड सेफ्टी विभाग के निदेशक एवं अतिरिक्त निदेशक, कैपिटल हॉस्पिटल के अधीक्षक एवं उप-अधीक्षक, पीजीआईएमईआर के प्राचार्य तथा हीमोफिलिया सोसायटी के प्रतिनिधि सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुनीता महंतो
