
भोपाल, 13 मार्च (हि.स.)। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में शुक्रवार को नगर निगम की कंप्यूटर शाखा और वित्तीय रिकॉर्ड से जुड़े दफ्तरों पर लोकायुक्त पुलिस ने छापेमार कार्रवाई की।

यह कार्रवाई फतेहगढ़ स्थित कार्यालय और लिंक रोड नंबर-2 पर बने मुख्य कार्यालय में एक साथ की गई। लोकायुक्त एसपी दुर्गेश राठौर और डीएसपी अजय मिश्रा के नेतृत्व में दो अलग-अलग टीमों ने दोनों स्थानों पर पहुंचकर जांच शुरू की।
जानकारी के अनुसार, शुक्रवार सुबह करीब 11:30 बजे शुरू हुई इस कार्रवाई के बाद निगम दफ्तरों में हड़कंप मच गया। टीम ने सबसे पहले कंप्यूटर शाखा और वित्तीय रिकॉर्ड से जुड़े दस्तावेजों को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू की। नगर निगम की कंप्यूटर शाखा में संबल योजना, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, प्रॉपर्टी टैक्स और अन्य ऑनलाइन सेवाओं से संबंधित महत्वपूर्ण डिजिटल रिकॉर्ड रखा जाता है, इसलिए इन दस्तावेजों की बारीकी से जांच की जा रही है।
संबल योजना और ऑनलाइन एंट्री की जांच
लोकायुक्त टीम विशेष रूप से संबल योजना से जुड़े दस्तावेजों और ऑनलाइन एंट्री की पड़ताल कर रही है। साथ ही अन्य डिजिटल रिकॉर्ड में संभावित गड़बड़ियों की भी जांच की जा रही है। फतेहगढ़ कार्यालय में मौजूद कर्मचारियों वसीम, सोहेल और पंकज से भी पूछताछ की जा रही है।
फर्जी बिलों से भुगतान की शिकायत
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार यह कार्रवाई निर्माण कार्यों के नाम पर फर्जी बिल लगाकर करोड़ों रुपये के भुगतान की शिकायत के बाद की गई है। बताया जा रहा है कि कई मामलों में बिना जमीनी काम के केवल कागजों पर बिल लगाकर भुगतान किए जाने की शिकायतें लोकायुक्त को मिली थीं।
10 साल पुराने रिकॉर्ड जब्त
लोकायुक्त टीम ने शिकायतों के आधार पर पिछले लगभग 10 वर्षों के दस्तावेज और रिकॉर्ड जब्त किए हैं। अब इन दस्तावेजों का मिलान वास्तविक कार्यों और भुगतान से किया जाएगा, जिससे पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सके।
हाल ही में शिफ्ट हुआ था कार्यालय
नगर निगम की कंप्यूटर शाखा को 22 फरवरी को फतेहगढ़ से लिंक रोड नंबर-2 स्थित नए भवन में शिफ्ट किया गया था, इसलिए लोकायुक्त टीम दोनों स्थानों पर रखे दस्तावेजों की जांच कर रही है। फिलहाल लोकायुक्त की कार्रवाई जारी है। अधिकारियों का कहना है कि दस्तावेजों की विस्तृत जांच के बाद ही पूरे मामले में घोटाले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे
