कोलकाता, 07 फरवरी (हि.स.)। पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के बादुरिया में मतदाता सूची के प्रारूप पर दावों और आपत्तियों की सुनवाई के दौरान हंगामे का एक कथित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। वीडियो में तृणमूल कांग्रेस के समर्थकों के एक समूह को सुनवाई सत्र में बाधा डालते हुए दिखाए जाने का दावा किया जा रहा है।

राज्य विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने यह वीडियो अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर साझा किया। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के स्थानीय नेताओं के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ताओं की गुंडागर्दी लगातार बढ़ती जा रही है।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधायक ने कहा कि पहले मुर्शिदाबाद जिले के फरक्का में ऐसी घटना हुई। इसके बाद उत्तर दिनाजपुर के चाकुलिया में भी यही हाल रहा। अब उत्तर 24 परगना के बादुरिया की बारी है। राज्य में कानून-व्यवस्था पहले से ही चरमराई हुई है। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया के दौरान राज्य सरकार ने जानबूझकर हालात बिगड़ने दिए, ताकि तृणमूल नेताओं और कार्यकर्ताओं को फर्जी मतदाताओं को सूची में शामिल करने और उनके हितों की रक्षा करने में कोई बाधा न आए।
बताया जा रहा है कि मतदाता सूची के प्रारूप पर दावों और आपत्तियों की सुनवाई शुरू होने के बाद से कई स्थानों पर इस तरह की बाधाएं सामने आई हैं। अधिकतर मामलों में तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ता और कुछ जगहों पर पार्टी के विधायक भी इसमें शामिल बताए जा रहे हैं।
इस बीच, भारत निर्वाचन आयोग ने राज्य सरकार को कई बार निर्देश दिया है कि सुनवाई केंद्रों पर पर्याप्त पुलिस सुरक्षा सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी भी तरह की अव्यवस्था को रोका जा सके।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने भी इस मुद्दे को तृणमूल कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडलों के साथ बैठकों में उठाया है। दो फरवरी को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व में गए प्रतिनिधिमंडल के साथ हुई बैठक में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने स्पष्ट किया था कि पश्चिम बंगाल में चल रहे एसआईआर
के दौरान किसी भी प्रकार की गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उसी बैठक में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने यह भी चिंता जताई थी कि तृणमूल कांग्रेस के कुछ विधायक निर्वाचन आयोग, विशेष रूप से मुख्य निर्वाचन आयुक्त के खिलाफ खुले तौर पर अपमानजनक और धमकी भरी भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं, साथ ही चुनावी अधिकारियों को भी धमकियां दी जा रही हैं। ———————
हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर
