विजयपुर मामले में सुप्रीम कोर्ट जाएंगे, भाजपा चुनाव से डरती है: उमंग सिंघार

भाेपाल, 10 मार्च (हि.स.)। मध्य प्रदेश विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने मंगलवार को अपने निवास पर आयोजित प्रेस वार्ता में विजयपुर प्रकरण, अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के कारण बढ़ती महंगाई और सूचना आयुक्त की नियुक्ति जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि विजयपुर मामले में न्यायालय के फैसले का सम्मान किया जाता है, लेकिन न्याय के लिए कानूनी प्रक्रिया के तहत सर्वोच्च न्यायालय तक जाया जाएगा।
सिंघार ने कहा कि लोकतंत्र में न्यायिक प्रक्रिया सर्वोपरि होती है और जिला न्यायालय से लेकर सर्वोच्च न्यायालय तक न्याय पाने का अधिकार सभी को है। उन्होंने कहा कि मुकेश मल्होत्रा के लिए भी सुप्रीम कोर्ट के दरवाजे खुले हैं और कांग्रेस कानूनी सलाह लेकर आगे की कार्रवाई करेगी।
भाजपा पर दबाव की राजनीति का आरोप
नेता प्रतिपक्ष ने भाजपा पर दबाव की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा माहौल बनाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या यह आगामी चुनावों और संख्या बल की राजनीति से जुड़ा प्रयास है। सिंघार ने कहा कि भाजपा चुनाव से डरती है और जनता के बीच जाकर मुकाबला नहीं करना चाहती। उन्होंने यह भी कहा कि नरोत्तम मिश्रा के पेड न्यूज मामले में वर्षों से फैसला लंबित है। वहीं निर्मला सप्रे प्रकरण में न्यायालय के नोटिस के बाद ही विधानसभा अध्यक्ष को यह कहना पड़ा कि सुनवाई हो रही है। उन्होंने सवाल किया कि इन मामलों में इतनी देरी क्यों हो रही है।
अंतरराष्ट्रीय हालात से महंगाई बढ़ने की आशंका
अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों पर प्रतिक्रिया देते हुए सिंघार ने कहा कि ईरान–इज़राइल युद्ध के चलते वैश्विक हालात तेजी से बदल रहे हैं। सरकार लगातार समीक्षा बैठकों की बात कर रही है, लेकिन केवल बैठकों से जनता को राहत नहीं मिलती। उन्होंने कहा कि कोविड काल में भी इसी तरह धैर्य रखने की बात कही गई थी, लेकिन उस दौरान देश ने भारी कठिनाइयों का सामना किया।
पेट्रोल-डीजल और गैस पर टैक्स घटाने की मांग
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि यदि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के कारण महंगाई बढ़ने की आशंका है तो केंद्र सरकार को आम जनता को राहत देने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए। उन्होंने मांग की कि पेट्रोल, डीज़ल और गैस सिलेंडर पर लगने वाले भारी टैक्स में कटौती की जाए, ताकि लोगों को महंगाई से राहत मिल सके। सिंघार ने कहा कि टैक्स कम होने से ईंधन की कीमतें घट सकती हैं और आम जनता को सीधा फायदा मिलेगा। सरकार को तय करना होगा कि वह तेल कंपनियों को लाभ पहुंचाना चाहती है या महंगाई से जूझ रही जनता को राहत देना चाहती है।
सूचना आयुक्त नियुक्ति पर भी सवाल
सिंघार ने सूचना आयुक्त की नियुक्ति के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि आज हुई बैठक में तीन पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू की गई थी, लेकिन केवल दो पदों को ही भरा जा रहा है। इससे सूचना के अधिकार के तहत आम लोगों को मिलने वाली सेवाओं पर असर पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि बैठक में इस मुद्दे पर अपनी आपत्ति भी दर्ज कराई है और सरकार से मांग की है कि पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए सभी रिक्त पदों को जल्द से जल्द भरा जाए, ताकि नागरिकों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे
