भोपाल, 02 अप्रैल (हि.स.)। बेतवा नदी के पावन जल को स्वच्छ, निर्मल और अविरल बनाए रखने के पुनीत उद्देश्य से गुरुवार को पालिका भवन में उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक का मुख्य ध्येय नदी के पारिस्थितिक तंत्र को पुनर्जीवित करने के लिए राज्य और केंद्र सरकार के प्रयासों को सूत्रबद्ध करना था।

विभागीय समन्वय से सिद्ध होगा संकल्प
बैठक में नगरीय विकास एवं आवास आयुक्त संकेत भोंडवे ने कहा कि बेतवा का पुनर्जीवन केवल एक प्रशासनिक लक्ष्य नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के प्रति हमारी प्रतिबद्धता है। उन्होंने विभिन्न विभागों के अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि नदी के संरक्षण के लिये एक समेकित कार्ययोजना तैयार की जाए, जिसमें जल संसाधन, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, वन और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की भूमिका स्पष्ट और समन्वित हो। आयुक्त भोंडवे ने इस बात पर विशेष बल दिया कि योजनाओं का क्रियान्वयन केवल कागजों तक सीमित न रहकर धरातल पर दिखाई देना चाहिए, जिसके लिए वे स्वयं समय-समय पर कार्यों की समीक्षा करेंगे।
राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन का सहयोग
बैठक जल शक्ति मंत्रालय, भारत सरकार के राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन के सहयोग से आयोजित की गई। बैठक में राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन के कार्यकारी निदेशक (परियोजना) बृजेन्द्र स्वरूप विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने नदी संरक्षण के विविध तकनीकी आयामों और वैश्विक मानकों पर प्रकाश डालते हुए केंद्र की ओर से हर संभव तकनीकी और वित्तीय सहयोग का आश्वासन दिया।
प्रदूषण मुक्ति और जल संवर्धन पर गहन विमर्श
बेतवा नदी में मिल रहे अपशिष्टों को रोकने के लिए आधुनिक सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) की स्थापना, जल भराव क्षेत्रों का संरक्षण और तटवर्ती क्षेत्रों में वृक्षारोपण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन चिंतन-मनन किया गया। आयुक्त भोंडवे ने कहा कि प्रदूषण नियंत्रण के मानकों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और अपशिष्ट प्रबंधन के लिए नगरीय निकायों को और अधिक उत्तरदायी बनाया जाएगा।
बैठक में जल संसाधन, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, वन विभाग और मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ संबंधित नगरीय निकायों के प्रतिनिधियों उपस्थित रहें।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर
