—मोहन वीणा की विशेष प्रस्तुति से गदगद हुए शिवभक्त, संगीतमय आध्यात्मिक अनुभूति वाराणसी, 10 फरवरी (हि.स.)। महाशिवरात्रि पर्व के पहले ही श्री काशी विश्वनाथ दरबार में भारतीय शास्त्रीय संगीत के दिग्गज कलाकार भी शिवार्चनम मंच से स्वर-लहरियों की साधना से हाजिरी लगा रहे हैं। संगीतमय आध्यात्मिक माहौल में शिवभक्त भी गोता लगा रहे हैं।

मंगलवार शाम दरबार में आयोजित चार दिवसीय उत्सव के पहले दिन शिवार्चनम मंच पर विश्वविख्यात एवं ग्रैमी अवार्ड से सम्मानित कलाकार पं. विश्व मोहन भट्ट ने महादेव के समक्ष मोहन वीणा की विशेष प्रस्तुति दी। पं. विश्व मोहन भट्ट की मोहन वीणा से निःसृत स्वर-लहरियों ने बाबा विश्वनाथ धाम को संगीतमय आध्यात्मिक अनुभूति से ओत-प्रोत कर दिया। उनकी प्रस्तुति में भारतीय शास्त्रीय संगीत की गहनता, साधना एवं अध्यात्म का अद्भुत समन्वय दिखा। रागात्मक विस्तार, सूक्ष्म आलाप एवं भावपूर्ण वादन ने उपस्थित श्रद्धालुओं, संगीतप्रेमियों एवं पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। संपूर्ण वातावरण “हर-हर महादेव” के जयघोष एवं संगीत की दिव्यता से सराबोर हो उठा। काशी विश्वनाथ धाम एवं “सुबह-ए-बनारस” के संयुक्त तत्वावधान में महोत्सव की सांस्कृतिक निशा का जादू शिवभक्तों के सिर चढ़कर बोला। कार्यक्रम की श्रृंखला में द्वितीय प्रस्तुति अमित श्रीवास्तव की रही। जिसमें उन्होंने जटायु की सद्गति पर आधारित एक मनोहारी नृत्य-नाटिका प्रस्तुत की। इसके उपरांत तृतीय एवं अंतिम प्रस्तुति गायक शुभम सृतिक त्रिपाठी की रही। संगत सह कलाकार, यशदीप महेश्वरी(गिटार), ओमकार सिंह(हारमोनियम), चन्दन कुमार(पैड), हिमांशु(तबला), सुमित चौहान(कीबोर्ड) ने किया।

इस अवसर धाम की गरिमा, सांस्कृतिक परंपरा एवं आध्यात्मिक चेतना का जीवंत स्वरूप मंच पर लोगों को महसूस होता रहा। महोत्सव का उद्घाटन “सुबह-ए-बनारस” के संस्थापक डॉ. रत्नेश वर्मा और धन्यवाद ज्ञापन मुख्य कार्यपालक अधिकारी, विश्व भूषण मिश्र ने किया।
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हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी
