भोपाल, 15 अप्रैल (हि.स.)। मध्य प्रदेश के पूर्व नेता प्रतिपक्ष और वरिष्ठ कांग्रेस नेता अजय सिंह ने महिला आरक्षण विधेयक के मुद्दे पर सोनिया गांधी के रुख का समर्थन करते हुए केंद्र की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा इस संवेदनशील मुद्दे को राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल कर रही है।

अजय सिंह ने बुधवार काे अपने बयान में कहा कि सोनिया गांधी द्वारा अपने लेख के माध्यम से रखे गए तथ्य भाजपा के उस “पाखंड” को उजागर करते हैं, जिसे ‘ऐतिहासिक कदम’ बताकर प्रचारित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को उनके अधिकारों के लिए लंबे समय तक इंतजार करवाना उनके साथ अन्याय है, और वे इस मुद्दे पर सोनिया गांधी की मांग के साथ मजबूती से खड़े हैं।
उन्होंने याद दिलाया कि महिला आरक्षण के प्रति कांग्रेस की प्रतिबद्धता के चलते ही वर्ष 2010 में यूपीए सरकार ने इस विधेयक को राज्यसभा से पारित कराया था। सिंह ने आरोप लगाया कि भाजपा ने तब भी इसे आगे बढ़ने से रोका था और अब भी जनगणना तथा परिसीमन जैसी प्रक्रियाओं की आड़ में इसे अनिश्चित भविष्य की ओर टाल रही है।
अजय सिंह ने क्षेत्रीय असंतुलन के मुद्दे को भी गंभीर बताया। उन्होंने कहा कि आरक्षण को परिसीमन से जोड़ना दक्षिण भारतीय राज्यों के खिलाफ एक सोची-समझी राजनीतिक रणनीति का हिस्सा हो सकता है। उनके अनुसार, इससे उत्तर और दक्षिण के बीच विभाजन की स्थिति पैदा होने का खतरा है, जो देश की एकता के लिए ठीक नहीं है।
उन्होंने यह भी कहा कि दक्षिण भारत के राज्यों ने जनसंख्या नियंत्रण में बेहतर प्रदर्शन किया है, और परिसीमन के जरिए उनकी राजनीतिक हिस्सेदारी को प्रभावित करना उनके साथ अन्याय होगा। महिला आरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषय को जटिल प्रक्रियाओं से जोड़ना यह दर्शाता है कि सरकार की प्राथमिकता महिला सशक्तिकरण से अधिक राजनीतिक गणित हो सकती है।
अजय सिंह ने कहा कि यदि केंद्र सरकार की नीयत स्पष्ट होती, तो वह तकनीकी बाधाओं को हटाकर महिला आरक्षण को तत्काल प्रभाव से लागू करती। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ऐसा नहीं हुआ, तो देश की आधी आबादी इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया जरूर देगी।
—————
हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे
