–अहंकार मनुष्य के सद्गुण को खा जाता है : डॉ अनिरुद्ध महाराज

प्रयागराज, 22 मार्च (हि.स)। मां कल्याणी देवी मंदिर धाम में चल रहे नवरात्रि महोत्सव के चतुर्थ दिवस पर प्रातः काल 05 बजे महामंत्री श्यामजी पाठक ने विधि विधान पूर्वक माता कल्याणी की मंगला आरती एवं पूजन कर मां कूष्माण्डा देवी का आह्वान किया। मां कल्याणी देवी का कूष्माण्डा स्वरूप के दर्शन प्राप्त करने के लिए सुबह से भक्तों की अपार भीड़ लगी रही। मां का अनुपम श्रृंगार का दर्शन प्राप्त कर मां का जयकारा लगाते रहे।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में महिला श्रद्धालुओं ने भजन गा कर मां का गुणगान किया और शतचंडी महायज्ञ में आहुति दी और यज्ञशाला की परिक्रमा करते हुए कल्याण की कामना की।
शाम को मां की महाआरती और रात्रि में शयन आरती अध्यक्ष सुशील कुमार पाठक द्वारा किया गया। इस दौरान उन्होंने कहा कि 23 मार्च पंचमी को भगवती मां कल्याणी का स्कन्द माता के स्वरूप में श्रृंगार दर्शन किया जाएगा। मां सिंह पर सवार होकर चार भुजा धारण करेंगी और अपने गोद में षडानन जी को बैठाए रहेंगी। मां का श्रृंगार मोती के आभूषणों एवं बेला गुलाब के पुष्पों द्वारा किया जाएगा।
मीडिया प्रभारी राजेश केसरवानी ने बताया कि इस अवसर पर मां कल्याण देवी मंदिर के अंतर्गत श्री नवसंवत्सर मानस समिति के द्वारा आयोजित किए जा रहे श्री राम कथा के चतुर्थ दिवस पर भक्तों को कथा का रसपान कराते हुए कथा वाचक डा अनिरुद्ध महाराज ने कहा कि अहंकार मनुष्य के सद्गुण को खा जाता है। जिसका प्रमाण लंका काण्ड में गोस्वामी तुलसीदास ने वर्णित करते हुए उल्लेख किया है। कथा सुनाते हुए व्यासजी ने कहा कुम्भकर्ण ने रावण को भक्ति और ज्ञान की बात बताई पर रावण ने बात नहीं मानी। तब कुम्भकर्ण ने भाई के स्वाभिमान के लिए युद्ध में जाना स्वीकार किया और रामदल में हाहाकार मचा दिया। अंत में प्रभु श्री राम द्वारा उसका अंत हुआ।
कथा का संचालन प्रवक्ता ओंकार नाथ त्रिपाठी ने किया। इस अवसर पर अध्यक्ष पूर्व विधायक उदयभान करवरिया, अनिल कुमार पाठक, राजेश केसरवानी, कृष्ण कुमार पाठक, राजू यादव, कुवंरजी टंडन ने भक्तों के साथ कथा श्रवण कर आरती की।
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हिन्दुस्थान समाचार / विद्याकांत मिश्र
