खड़गपुर, 15 मार्च (हि. स.)। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान खड़गपुर ने रविवार को मालदा में मानव एवं सामाजिक विकास से जुड़ी पहलों के लिए एक ऐतिहासिक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। यह सहयोग एक अग्रणी शैक्षणिक संस्थान और एक जनप्रतिनिधि के बीच प्रौद्योगिकी आधारित क्षेत्रीय विकास को आगे बढ़ाने की दिशा में एक विशिष्ट पहल का प्रतिनिधित्व करता है।

आईआईटी खड़गपुर ने अपने प्लेटिनम जुबली वर्ष के अवसर पर मालदा में मानव एवं सामाजिक विकास के लिए एक महत्वपूर्ण पहल शुरू की है। इस साझेदारी का उद्देश्य लक्षित विकास पहलों के माध्यम से संस्थान की उन्नत शोध और तकनीकी क्षमताओं को सीधे समुदायों तक पहुंचाना है। विधायक क्षेत्र उन्नयन परियोजना के तहत आईआईटी खड़गपुर इस पहल के कार्यान्वयन की जिम्मेदारी संभालेगा, जिसके लिए बड़े सार्वजनिक निवेश का प्रावधान किया गया है। आईआईटी खड़गपुर ने रविवार दोपहर को जारी प्रेस विज्ञप्ति में इस परियोजना के उद्देश्यों, लाभों और इसके सामाजिक प्रभाव के बारे में विस्तृत जानकारी साझा की।
इस कार्यक्रम के सफल क्रियान्वयन और दीर्घकालिक स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न संस्थागत हितधारकों के साथ सहयोग भी स्थापित किया गया है। इनमें सीमा सुरक्षा बल (मालदा), पूर्वी रेलवे का मालदा मंडल तथा केंद्रीय विद्यालय संगठन, इंग्लिश बाजार स्थित केंद्रीय विद्यालय संगठन भी शामिल हैं।
इस पहल के माध्यम से आईआईटी खड़गपुर कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डिजिटल प्रौद्योगिकी और नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्रों में अपनी विशेषज्ञता का उपयोग करते हुए मालदा में सामुदायिक विकास को बढ़ावा देगा। इस परियोजना के दो प्रमुख घटक हैं, जिनका उद्देश्य शिक्षा, सार्वजनिक सुरक्षा और पर्यावरणीय स्थिरता को सुदृढ़ करना है।
दो शिक्षण संस्थानों—मोहमदीपुर गौरिया उच्च विद्यालय और अकुरमोनी कोरोनेशन इंस्टीट्यूशन—में उन्नत कृत्रिम बुद्धिमत्ता सक्षम स्मार्ट कक्षा अवसंरचना स्थापित की जाएगी। इसमें आधुनिक विज्ञान, प्रौद्योगिकी, अभियांत्रिकी और गणित प्रयोगशालाएं, रोबोटिक्स और इंटरनेट ऑफ थिंग्स से जुड़े संसाधन, तथा गणित और जीवन विज्ञान जैसे विषयों के लिए संवर्धित वास्तविकता और आभासी वास्तविकता आधारित शिक्षण सुविधाएं शामिल होंगी। इस पहल का उद्देश्य डिजिटल शिक्षा को सुदृढ़ करना और छात्रों को आधुनिक तकनीक आधारित शिक्षण वातावरण उपलब्ध कराना है।
सार्वजनिक स्थलों पर सुरक्षा और पर्यावरणीय स्थिरता को सुदृढ़ करने के लिए चयनित स्थानों पर सौर ऊर्जा आधारित प्रकाश व्यवस्था स्थापित की जाएगी। इसमें बीएसएफ से संबंधित कुछ क्षेत्रों के साथ-साथ पूर्वी रेलवे के अंतर्गत आने वाले सार्वजनिक क्षेत्रों—जैसे पार्क, आर्द्रभूमि और सामुदायिक स्थलों—को शामिल किया जाएगा।
इसके अतिरिक्त इंग्लिश बाजार के शैक्षणिक एवं खेल परिसरों, जिनमें बिरसा मुंडा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स तथा केंद्रीय विद्यालय परिसर शामिल हैं, में भी यह व्यवस्था स्थापित की जाएगी, ताकि शाम के समय सुरक्षित खेलकूद और सामुदायिक गतिविधियों को प्रोत्साहन मिल सके।
यह सौर अवसंरचना एक ग्रिड-स्वतंत्र प्रणाली के रूप में कार्य करेगी, जो दीर्घकालिक पर्यावरणीय स्थिरता में योगदान देने के साथ-साथ अपने संचालन काल में कार्बन उत्सर्जन में उल्लेखनीय कमी लाने में सहायक होगी।
इस सहयोग पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए आईआईटी खड़गपुर के निदेशक प्रो. सुमन चक्रवर्ती ने कहा कि यह पहल विज्ञान और प्रौद्योगिकी को समाज के व्यापक हित में लागू करने की संस्थान की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाती है। उन्होंने शिक्षा, स्थिरता और जनकल्याण से जुड़े क्षेत्रों में उन्नत शोध को व्यावहारिक समाधानों में परिवर्तित करने के महत्व पर भी बल दिया।
एक राष्ट्रीय महत्व के संस्थान के रूप में आईआईटी खड़गपुर इस परियोजना के क्रियान्वयन को पारदर्शिता, तकनीकी उत्कृष्टता और समयबद्धता के साथ सुनिश्चित करेगा। निधि प्राप्त होने के पश्चात परियोजना को त्वरित समयसीमा में पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। यह पहल श्रीरूपा मित्रा चौधरी, विधायक, पश्चिम बंगाल द्वारा विधायक क्षेत्र उन्नयन परियोजना के अंतर्गत किया गया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / अभिमन्यु गुप्ता
