मुंबई, 12 मार्च (हि.स.)। मीरा-भायंदर इलाके में मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी (एमएमआरडीए) के कामों की उच्च स्तरीय जांच की जाएगी। साथ ही अगर जरुरी हुआ तो मामले की समयबद्ध जांच के लिए एसआईटी गठित की जाएगी।

विधानसभा सदस्य नरेंद्र मेहता ने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के माध्यम से मीरा-भायंदर इलाके में मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी प्रोजेक्ट में हुई अनियमितता का मुद्दा उठाया था। नगर विकास राज्य मंत्री माधुरी मिसाल ने यह जानकारी विधानसभा में ध्याकार्षण प्रस्ताव का जवाब देते हुए दी है। माधुरी मिसाल ने बताया कि मीरा-भायंदर में एमएमआरडीए के कामों में अनियमितता किए जाने और कांट्रैक्टर द्वारा मनमाना वसूली की बहुत सी शिकायतें मिली हैं।
माधुरी मिसाल ने कहा कि एमएमआरडीए के तहत प्रोजेक्ट के लिए कॉन्ट्रैक्टर से ज़मीन का ज़्यादा पैसा लिया गया है। साथ ही दहिसर टोल प्लाज़ा हटाने, मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी से परमिशन और बिजली लाइनों को दूसरी जगह ले जाने जैसे टेक्निकल कारणों से काम में देरी हुई और उसी हिसाब से लागत बढ़ गई। इन शिकायतों की सर्वप्रथम अतिरिक्त मुख्य सचिव स्तर के अधिकारी की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय जांच की जाएगी ।
उन्होंने कहा कि इन सभी शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए विधानसभा अध्यक्ष के निर्देश पर मामले की एसआईटी जांच कराई जाएगी। यह जांच समयबद्ध होगी और अगर इसमें कोई गड़बड़ी पाई जाती है, तो संबंधित जिम्मेदार लोगों के खिलाफ एक्शन लिया जाएगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजबहादुर यादव
