मंदसौर, 10 मार्च (हि.स.)। पश्चिम एशिया में जारी युद्ध का असर अब गैस आपूर्ति पर भी दिखाई देने लगा है। वैश्विक स्तर पर गैस सप्लाई प्रभावित होने के कारण देश में एलपीजी की उपलब्धता पर दबाव बढ़ गया है। स्थिति को देखते हुए सरकार ने एलपीजी की उपलब्धता, आपूर्ति और वितरण को नियंत्रित करने के लिए आवश्यक वस्तु अधिनियम लागू कर दिया है।

बताया जा रहा है कि भारत में एलपीजी का बड़ा हिस्सा कतर से आयात होता है, लेकिन मौजूदा हालात के चलते वहां से सप्लाई प्रभावित हो गई है। इसके चलते केंद्र सरकार ने रिफाइनरियों और पेट्रोकेमिकल इकाइयों को एलपीजी का अधिकतम उत्पादन बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही घरेलू स्तर पर उत्पादित प्राकृतिक गैस की आपूर्ति को प्राथमिकता के आधार पर उन इकाइयों को देने का निर्णय लिया गया है, जो एलपीजी उत्पादन से जुड़ी हैं।
इसका असर देश के अन्य हिस्सों की तरह मंदसौर में भी देखने को मिल रहा है। यहां कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की सप्लाई पूरी तरह से बंद कर दी गई है। इसके चलते होटल, रेस्टोरेंट संचालकों और शादी समारोह आयोजित करने वालों के सामने बड़ी परेशानी खड़ी हो गई है। होली के बाद विवाह समारोहों का सीजन शुरू होने के कारण गैस सिलेंडर की कमी से आयोजकों की चिंता बढ़ गई है।
गैस एजेंसी संचालक इष्टा भाचावत ने बताया कि सरकार के निर्देशों के तहत व्यवसायिक गैस सिलेंडरों की सप्लाई फिलहाल पूरी तरह बंद कर दी गई है। यह कदम आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत उठाया गया है, ताकि घरेलू उपभोक्ताओं के लिए गैस की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके।
हिन्दुस्थान समाचार / अशोक झलोया
