


उच्च शिक्षा में एआई की भूमिका पर बीयू में संगोष्ठी आयोजित

अभाविप और मेटा बिजनेस पार्टनर के सहयोग से हुआ आयोजन, विशेषज्ञों ने बताए भविष्य के अवसर
झांसी, 09 फ़रवरी (हि.स.)। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के गांधी सभागार में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) एवं मेटा बिजनेस पार्टनर के सहयोग से उच्च शिक्षा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) विषय पर एक दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी में शिक्षा, तकनीक और नवाचार से जुड़े कई प्रतिष्ठित विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को एआई के बदलते स्वरूप और भविष्य की संभावनाओं से अवगत कराया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अभाविप के क्षेत्रीय संगठन मंत्री घनश्याम शाही ने कहा कि युवा भारत के निर्माण की सबसे बड़ी शक्ति है। उन्होंने छात्रों से केवल डिग्री तक सीमित न रहकर समाज और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने संगठन, अनुशासन और नेतृत्व को सफलता का आधार बताया।
कुलपति प्रोफेसर मुकेश पांडेय ने अध्यक्षता करते हुए विश्वविद्यालय में हो रहे शैक्षणिक सुधारों और तकनीकी नवाचारों की जानकारी देते हुए कहा कि बुंदेलखंड विश्वविद्यालय गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ आधुनिक तकनीकी ज्ञान उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
विशिष्ट अतिथि एवं मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश के सलाहकार रहीश सिंह ने कहा कि तकनीक के क्षेत्र में भारत की वैश्विक पहचान मजबूत हुई है और युवाओं को नवाचार के माध्यम से देश को अग्रणी बनाना होगा। सॉफ्टवेयर पार्क के पूर्व डीजी ओमकार राय ने कौशल आधारित शिक्षा और स्टार्टअप संस्कृति को अपनाने पर जोर दिया। सेना की टेक्निकल विंग के मेजर अभिरूप डे ने विश्वविद्यालय के छात्रों के साथ एआई आधारित रक्षा संबंधी समस्याओं पर कार्य करने की इच्छा जताई। मेटा बिजनेस पार्टनर फैज ने डिजिटल प्लेटफॉर्म में करियर की संभावनाओं पर प्रकाश डाला।
कुलसचिव ज्ञानेन्द्र शुक्ला ने अतिथियों का स्वागत किया। डायरेक्टर इंजीनियरिंग प्रो. डीके भट्ट ने आभार व्यक्त किया। विषय की प्रस्तावना डॉ. प्रियंका पांडे ने रखी और संचालन डॉ. अनुपम व्यास ने किया। संगोष्ठी में बड़ी संख्या में विद्यार्थी एवं शिक्षक उपस्थित रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / महेश पटैरिया
