—धाम में सुरक्षा व्यवस्था का व्यापक प्रबंध, मथुरा के कलाकारों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां होंगी

वाराणसी, 24 फरवरी (हि.स.)। रंगभरी एकादशी पर श्री काशी विश्वनाथ धाम में उमड़ने वाली श्रद्धालुओं की भारी भीड़ की सुरक्षा और सुगम दर्शन को लेकर मंदिर प्रशासन ने तैयारी शुरू कर दी है। मंगलवार शाम मंदिर के सभागार में पुलिस विभाग, सीआरपीएफ, एनडीआरएफ एवं अन्य संबद्ध विभागों के अफसरों के साथ मंदिर प्रशासन के अफसरों ने बैठक की।

बैठक में महापर्व की व्यापक तैयारियों पर मंथन के साथ सुरक्षा प्रबंधों को अत्यंत सख्ती से लागू करने का निर्णय लिया गया। विशेष रूप से चहारदीवारी कूदने जैसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी व्यवस्था पर सहमति बनी। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के पूर्व महंत परिवार के साथ हुई वार्ता के अनुसार महादेव की पालकी शोभायात्रा के साथ केवल 64 चिन्हित व्यक्तियों को ही प्रवेश की अनुमति होगी। पुलिस प्रशासन यह सुनिश्चित करेगा कि इनके अतिरिक्त कोई अन्य व्यक्ति अनावश्यक रूप से भीड़ का हिस्सा न बने। महापर्व गौना उत्सव में मंदिर परिसर के भीतर मोबाइल फोन पूर्णतः प्रतिबंधित रहेंगे। यदि कोई श्रद्धालु मोबाइल के साथ पाया जाता है तो उसे तत्काल जब्त कर लिया जाएगा। मंदिर न्यास ने श्रद्धालुओं से अनुरोध किया है कि वे निर्धारित नियमों का पालन करें। मंदिर परिसर के अतिरिक्त सम्पूर्ण धाम क्षेत्र, शिवार्चनम मंच के पास एवं मंदिर चौक में मोबाइल फोन सहित श्रद्धालुओं एवं कैमरा माइक समेत मीडिया कर्मियों के प्रवेश की अनुमति यथावत रहेगी। बताया गया कि श्री काशी विश्वनाथ न्यास द्वारा श्रद्धालुओं के लिए ठंडई, सूक्ष्म जलपान एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों की समुचित व्यवस्था की जाएगी। पालकी को परंपरा एवं आचार-विचार के अनुरूप गर्भगृह में विधिवत स्थापित किया जाएगा। श्रद्धालुओं से अपील की गई कि संकरी गलियों से आने वाली पालकी के मार्ग में किसी प्रकार का व्यवधान उत्पन्न न करें, अनावश्यक भीड़ न बढ़ाएं, चहारदीवारी न कूदें तथा किसी भी प्रकार की प्रतिबंधित सामग्री लेकर धाम में प्रवेश न करें। नियमों के उल्लंघन की स्थिति में की गई कार्रवाई से श्रद्धालु स्वयं उत्तरदायी होंगे।
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हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी
