किशनगंज, 24 मार्च (हि.स.)। नगर परिषद क्षेत्र में रमजान नदी के सौंदर्याकरण कार्य को लेकर विवाद तेज हो गया है। किशनगंज सांसद डॉ. मोहम्मद जावेद ने जल संसाधन विभाग को पत्र लिखकर चल रहे कार्य पर तत्काल रोक लगाने, वर्ष 1902 के सर्वे अभिलेख के आधार पर सरकारी अमीन से जमीन की मापी कराने और अतिक्रमण हटाने की मांग की है।

सांसद ने अपने पत्र में कहा कि खगड़ा स्थित देवघाट सहित विभिन्न स्थानों के निरीक्षण के दौरान पाया गया कि नदी से गाद तो हटाई जा रही है, लेकिन दोनों किनारों की विधिवत मापी किए बिना ही सौंदर्याकरण कार्य कराया जा रहा है। उन्होंने आशंका जताई कि यदि इसी तरह कार्य जारी रहा, तो नदी को अतिक्रमण मुक्त कर पाना संभव नहीं होगा और भविष्य में इसकी चौड़ाई और कम हो सकती है।पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि वर्तमान स्टीमेट के अनुसार संवेदक को केवल 10 मीटर चौड़ाई में ही कार्य करना है, जिससे भू-माफियाओं को अतिक्रमण का अप्रत्यक्ष बढ़ावा मिल सकता है। सांसद ने इसे जनहित के प्रतिकूल बताते हुए कहा कि रमजान नदी का स्वरूप लगातार संकुचित होकर नाले में तब्दील होने की ओर बढ़ रहा है, जिससे आम लोगों में आक्रोश है। सांसद ने मांग की है कि 1902 के सर्वे अभिलेख के आधार पर दोनों किनारों की तत्काल मापी कराई जाए, सभी अतिक्रमण हटाकर नियमानुसार कार्य सुनिश्चित किया जाए, वर्तमान कार्य को रोककर पूरे प्रकरण पर पुनर्विचार किया जाए और नई व व्यापक योजना बनाकर ही गाद निकासी व सौंदर्याकरण कार्य शुरू किया जाए। इधर, जल शक्ति मंत्रालय ने अपने जवाब में स्पष्ट किया है कि संबंधित कार्य राज्य सरकार के अधीन आता है और इसे राज्य सरकार द्वारा ही कराया जाना उचित होगा। मामले की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री, नगर विकास एवं आवास विभाग के मंत्री, मुख्य सचिव और जिलाधिकारी को भी भेजी गई है।हिन्दुस्थान समाचार/धर्मेन्द्र सिंह
हिन्दुस्थान समाचार / धर्मेन्द्र सिंह
