


कानपुर, 23 मार्च (हि.स.)। नए सदस्यों के अनुभव और योगदान से कार्यपरिषद और अधिक सशक्त होगी। इससे विश्वविद्यालय की नीतियां और निर्णय और प्रभावी बनेंगे। कार्यपरिषद में विविध दृष्टिकोण और विशेषज्ञता आएगी। नए सदस्य विश्वविद्यालय के विकास और शिक्षा की गुणवत्ता में योगदान देंगे। यह बातें सोमवार को कुलपति प्रो विनय कुमार पाठक ने कहीं।

उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय, कानपुर की कार्यपरिषद में चार नए सदस्यों को नामांकित किया है। यह नामांकन उत्तर प्रदेश राज्य विश्वविद्यालय अधिनियम 1973 की धारा-20 की उपधारा-1 (जी) के तहत किया गया है।
सामान्य सदस्य के रूप में नीतू सिंह, डॉ. उमेश पालीवाल और आईआईटी कानपुर के प्रो. सत्याकी रॉय को कार्यपरिषद में शामिल किया गया है। न्यायिक सदस्य के रूप में उच्च न्यायालय के सेवानिवृत न्यायमूर्ति एस.के. त्रिपाठी को नामांकित किया गया है।
उक्त नामांकन पत्र निर्गत होने की तिथि से दो वर्ष की अवधि या अग्रिम आदेशों तक, जो भी पहले हो, के लिए होगा। कुलपति प्रोफेसर विनय कुमार पाठक ने नए सदस्यों को विश्वविद्यालय के विकास और शिक्षा की गुणवत्ता में योगदान देने के लिए शुभकामनाएं दी हैं।
इस नामांकन को कार्यपरिषद में विशेषज्ञता और विविध दृष्टिकोण जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। नए सदस्य विश्वविद्यालय की नीतियों और निर्णयों को और अधिक सुदृढ़ बनाने में सहायक होंगे।
हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप
