-तीन दिवसीय 21वें अखिल भारतीय अधिवेशन का उद्घाटन

भुवनेश्वर, 06 फ़रवरी (हि.स.)। देश के नवनिर्माण में श्रम शक्ति और युवा शक्ति का योगदान सर्वोपरि है। श्रम शक्ति और युवा शक्ति के सामर्थ्य से ही देश को विकसित राष्ट्र बनाने के स्वप्न को पूर्ण किया जा सकता है। यह बातें केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने कही।

स्व. ओम प्रकाश अग्गी सभागार, पूरी में शुक्रवार काे आयोजित भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस ) के तीन दिवसीय 21 वें त्रैवार्षिक राष्ट्रीय अधिवेशन में बतौर मुख्य अतिथि केंद्रीय मंत्री डॉ. मांडविया ने कहा कि भारत सामर्थ्य और सशक्त देश रहा है, लेकिन एक लम्बे समय तक यह परतंत्र रहा, इसलिए इसकी चमक क्षीण हुई है। लेकिन, श्रम शक्ति और युवा शक्ति की बदौलत हम फिर से भारत को सशक्त बनाने की दिशा में प्रयासरत हैं, जिसके परिणामस्वरूप निश्चित ही भारत एक बार फिर चमकेगा।
उन्होंने कहा कि भारतीय मजदूर संघ, श्रम और श्रमिकों के हितों की बात करता है। बीएमएस ने श्रम और श्रमिकों के हित में केंद्र सरकार को महत्वपूर्ण सुझाव दिये हैं। उन सुझावों पर केंद्र सरकार गंभीरता से विचार कर रही है। इस अधिवेशन से निकलने वाले विचार और सुझाव को भी सरकार प्राथमिकता देगी। उन्होंने कहा कि बीएमएस भारत का सबसे बड़ा श्रमिक संगठन तो है ही, यह संगठन विश्व के सबसे बड़े संगठनों में से एक है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि केंद्र की सरकार ने श्रम कानून लागू किया है और उन्हें इस बात का गर्व है कि भारतीय मजदूर संघ ने इसे स्वीकारा है और श्रमिकों के बीच जन-जागरण चला रहा है। यह संगठन राष्ट्र और श्रमिकों के हितों की पहल करने वाला श्रम संगठन है। यह संगठन सही दिशा में कार्य कर रहा है और केंद्र सरकार सही दिशा में कार्य करने वाले संगठन के साथ है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि श्रम कानून सभी श्रमिकों के लिए हितकारी है। यह कानून महिला एवं पुरुष के भेदभाव को खत्म करता है, समान काम के समान वेतन और स्वास्थ्य सुरक्षा की गारंटी देता है। यह कानून देश के श्रमिकों के उत्थान हेतु आवश्यक है। केंद्रीय मंत्री ने जोर देकर कहा कि देश बदल रहा है, नव भारत का निर्माण हो रहा है, श्रमिक के कल्याण हेतु भारत की सरकार प्रयत्नशील है। निश्चित तौर पर विकास की इस दौड़ में कोई भी पीछे नहीं छूटेगा, सबका विकास होगा।
इसके पूर्व झंडोत्ताेलन और दीप प्रज्वलित कर तीन दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन का उद्घाटन किया गया। उद्घाटन सत्र के अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य बी. भागैया, एफएनआरपी, रूस के अध्यक्ष सेरगेई चेरनोगेव, आईएलओ के प्रतिनिधि मिसिको मियामोटो, भारतीय मजदूर संघ के संयुक्त महामंत्री सुरेन्द्र पांडेय मंचस्थ थे। उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता अखिल भारतीय अध्यक्ष हिरण्मय पांड्या ने की, जबकि संचालन अखिल भारतीय महामंत्री रविंद्र हिमते ने किया। आगत अतिथियों का स्वागत बीएमएस, उड़ीसा के प्रांतीय अध्यक्ष बादल महाराणा ने किया।
गौरतलब है कि देश के 28 प्रांतों से करीब 2500 प्रतिनिधि अधिवेशन में भाग ले रहे हैं। अधिवेशन में ब्राजील, रूस, नेपाल, इंडोनेशिया, चीन आदि देशों के श्रमिक प्रतिनिधि भी शामिल हैं। इस अवसर पर सरस्वती शिशु निकेतन, पूरी के छात्रों द्वारा वन्दे मातरम का गान किया गया। पूरा परिसर भारतीय माता की जय, देश के हित में करेंगे काम, काम के लेंगे पूरे दाम आदि राष्ट्रवादी नारों से गूँजता रहा।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुनीता महंतो
