—यूजीसी कानून वापस लेने की मांग, हिन्दुओं को आपस में ही बांट देने का आरोप

वाराणसी, 28 जनवरी (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के वाराणसी में बुधवार को राष्ट्रीय हिन्दू दल संगठन ने यूजीसी कानून का जमकर विरोध किया। संगठन के अध्यक्ष रोशन पाण्डेय ने यूजीसी एक्ट का पुरजोर विरोध करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को अपने खून से पत्र लिखकर भेजा है। इसके साथ ही उन्होंने सवर्ण सांसदों को चूड़ियां भेजकर इस्तीफा देने की बात भी कही।

रोशन पाण्डेय ने कहा कि भाजपा को यूसीसी कानून, जनसंख्या नियंत्रण कानून, घुसपैठिया नियंत्रण कानून, गौ हत्या पर कानून लाने के लिए हम सवर्णों ने सत्ता में पहुंचाया है। लेकिन सरकार तो सवर्णों को मिटाने और गला घोंटने के लिए यूजीसी कानून लायी है । यह हम सवर्ण जाति ब्राह्मण,भूमिहार, राजपूतों पर सर्जिकल स्ट्राइक है। रोशन पाण्डेय ने कहा कि कुछ दिन पहले ही भाजपा सरकार बटोगे तो कटोगे और एक रहोगे तो सेफ रहोगे जैसे नारे पर बल दिया था। लेकिन अब वही भाजपा हिन्दुओं को आपस में लड़ाने और तोड़ने, फूट डालो और राज करो का काम कर रही है। राष्ट्रीय बजरंग दल के विभाग उपाध्यक्ष सन्तोष द्विवेदी पप्पू ने कहा कि सवर्ण समाज पहले से ही एससी-एसटी एक्ट से पीड़ित है । उसके बाद फिर से यूजीसी एक्ट जैसे काला कानून बनाकर सवर्ण समाज को मिटाने का कार्य भाजपा सरकार कर रही है। संतोष द्विवेदी ने कहा कि सभी विश्वविद्यालय में पहले से ही प्रशासनिक विभाग एडमिनिस्ट्रेटिव डिपार्मेंट होता है उसके बाद इस कानून की क्या आवश्यकता थी।
हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी
