


गोरखपुर, 23 फ़रवरी (हि.स.)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के सेंट्रल लाइब्रेरी और लावण्या क्लासेज एंड कंप्यूटर्स, गोरखपुर के संयुक्त तत्वावधान में केन्द्रीय ग्रंथालय के गांधी हाल में एक सप्ताह के “डिजिटल साक्षरता संवर्धन कार्यक्रम” का शुभारम्भ कुलपति प्रो. पूनम टंडन द्वारा किया गया। कार्यक्रम में 200 से अधिक विद्यार्थियों को निःशुल्क डिजिटल एवं कम्प्यूटर साक्षरता का व्यवहारिक और प्रायोगिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।

कार्यक्रम के आरम्भ में विश्वविद्यालय ग्रंथालयी डा. बिभाष कुमार मिश्रा ने मंचस्थ अतिथियों, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों का स्वागत किया। उन्होंने बताया कि कुलपति के मार्गदर्शन और संरक्षण में केन्द्रीय ग्रंथालय में पहली बार इस प्रकार का डिजिटल साक्षरता संवर्धन कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह प्रशिक्षण विद्यार्थियों के कौशल विकास और कैरियर ग्रोथ में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा तथा उन्हें आधुनिक तकनीक से जोड़ने का अवसर प्रदान करेगा।

कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि वर्तमान समय में डिजिटल दक्षता रोजगार और प्रतिस्पर्धा के लिए अत्यंत आवश्यक है। यह कार्यक्रम विद्यार्थियों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाएगा और उन्हें रोजगार प्राप्ति में सहायक सिद्ध होगा। उन्होंने इस पहल के लिए विश्वविद्यालय ग्रंथालयी डा. बिभाष कुमार मिश्रा तथा लावण्या क्लासेज एंड कम्प्यूटर इंस्टिच्यूट की डायरेक्टर प्रियंका जायसवाल एवं जायसवाल वूमेन्स क्लब, गोरखपुर की प्रेसिडेंट डा. स्वपन्ना जायसवाल की सराहना की।
लावण्या क्लासेज एंड कम्प्यूटर इंस्टिच्यूट की डायरेक्टर प्रियंका जायसवाल ने पूरे एक सप्ताह के प्रशिक्षण कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि विद्यार्थियों को प्रतिदिन दो कोर्स का प्रशिक्षण दिया जाएगा। कार्यक्रम में को-पायलट इंटीग्रेशन के साथ पूर्ण एमएस ऑफिस, वेब ब्राउजिंग एवं गूगल फॉर्म निर्माण, डिजिटल मार्केटिंग एवं कैरियर सपोर्ट, कैनवा के माध्यम से ग्राफिक डिजाइनिंग, डेटा एनालिटिक्स का परिचय एवं प्रयोग, डिजिटल शिष्टाचार और साइबर सुरक्षा जागरूकता, एआई टूल्स जैसे चैटजीपीटी, जेमिनी, फ्लेक्सक्लिप/इनविडियो का उपयोग, क्लाउड कंप्यूटिंग की मूल बातें, प्रोफेशनल मेल आईडी निर्माण एवं ईमेल लेखन, रिज्यूमे निर्माण और इंटरव्यू तैयारी कौशल शामिल हैं। प्रशिक्षण पूर्ण करने वाले सभी प्रतिभागियों को ऑनलाइन सर्टिफिकेट भी प्रदान किया जाएगा।
अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. अनुभूति दूबे ने कहा कि डिजिटल साक्षरता आज प्रत्येक व्यक्ति की आवश्यकता बन चुकी है। उन्होंने विद्यार्थियों को पूरे मनोयोग से प्रशिक्षण प्राप्त करने और सीखी गई जानकारी को व्यवहार में लाने के लिए प्रेरित किया।
मिशन शक्ति की नोडल अधिकारी प्रो. विनीता पाठक ने अपने संबोधन में कहा कि डिजिटल साक्षरता से कौशल विकास और कैरियर निर्माण में नई संभावनाएं खुलती हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे प्रशिक्षण प्राप्त कर अपने परिवार और समाज के अन्य लोगों को भी डिजिटल रूप से जागरूक बनाएं।
कार्यक्रम का संचालन डा. सूर्यकांत त्रिपाठी, सहायक आचार्य, संस्कृत विभाग द्वारा किया गया तथा आभार ज्ञापन डा. स्वपन्ना जायसवाल ने किया।
इस अवसर पर प्रो. सुषमा पाण्डेय, प्रो. सुधीर कुमार श्रीवास्तव, प्रो. शरद मिश्रा, प्रो. शिखा सिंह, प्रो. केशव सिंह, डा. के. सुनीता, डा. आमोद कुमार राय, डा. अमित उपाध्याय, डा. दीपा श्रीवास्तव, डा. स्मृति मल्ल, डा. पवन कुमार, डा. स्वर्णिमा सिंह, डा. रंजन लता, डा. मनीष पाण्डेय, डा. मनोज कुमार द्विवेदी सहित केन्द्रीय ग्रंथालय के महेन्द्र नाथ सिंह, योगेन्द्र यादव, सीमा प्रयाग चौधरी, मनीष कुमार श्रीवास्तव, सुनीता भारद्वाज तथा बड़ी संख्या में शिक्षक, शोधार्थी और विद्यार्थी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के शुभारम्भ के साथ ही विश्वविद्यालय परिसर में डिजिटल जागरूकता और कौशल विकास मौजूद रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रिंस पाण्डेय
