वाराणसी, 10 मार्च (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के वाराणसी जनपद में महिला स्वावलंबन को बढ़ावा देने की दिशा में मंगलवार को एक सराहनीय पहल की गई। जनपद के ग्रामीण क्षेत्र की एक दिव्यांग बालिका को उसके कौशल के अनुरूप सिलाई मशीन प्रदान की गई, जिससे वह आत्मनिर्भर बन सके। यह कार्यक्रम भारतीय महिला शिक्षण संस्थान के तत्वावधान में आयोजित किया गया।

कार्यक्रम का उद्देश्य गांवों में आत्मनिर्भरता और स्वरोजगार को प्रोत्साहित करना था। इस अवसर पर उपस्थित महिलाओं को अपने कौशल के आधार पर रोजगार के अवसर विकसित करने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से उपस्थित सत्य प्रकाश मालवीय और संस्था की उपाध्यक्ष रजनी सिंह ने कहा कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए संस्था हर संभव सहयोग प्रदान करेगी। उन्होंने ग्रामीण महिलाओं को अपने हुनर को पहचानकर स्वरोजगार अपनाने के लिए प्रेरित किया। स्वदेशी जागरण मंच काशी महानगर की संयोजिका कविता मालवीय ने ‘गांव में स्वरोजगार’ विषय पर अपने विचार रखते हुए कहा कि गांवों को शहरों से जोड़ते हुए प्रत्येक व्यक्ति के हाथ में रोजगार होना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह पहल भले ही छोटी दिखाई दे, लेकिन इसी तरह के छोटे-छोटे प्रयास आगे चलकर बड़े परिवर्तन का आधार बनते हैं। यदि गैर सरकारी संस्थाएं भी इसी प्रकार आगे आएं तो गांवों में महिलाओं को स्वावलंबी बनने का बेहतर अवसर मिलेगा।
कार्यक्रम का संयोजन संस्था की संस्थापिका उर्मिला मिश्रा ने किया। इस अवसर पर विभा दुबे, किरण पांडेय, सुषमा शुक्ला, संगीता झा, रंजना, शीला, अभिषेक, ईश्वर चंद और अंजू सहित कई लोगों की सहभागिता रही।
हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी
