शिमला, 07 फ़रवरी (हि.स.)। आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में सचिवालय में आयोजित दो दिवसीय विधायक प्राथमिकता बैठकें शनिवार को सम्पन्न हो गईं। बैठक के दूसरे दिन कांगड़ा, शिमला, कुल्लू और मंडी जिलों के विधायकों ने हिस्सा लेकर अपने-अपने क्षेत्रों की विकास योजनाओं और समस्याओं को सरकार के सामने रखा। बैठकों के समाप्त होने के साथ ही भाजपा विधायकों ने इन बैठकों को “औपचारिकता” बताते हुए सरकार पर विपक्षी क्षेत्रों की अनदेखी का आरोप लगाया।

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि बैठकों में विधायकों ने अपने क्षेत्रों की प्राथमिकताएं और स्थानीय समस्याएं विस्तार से रखी हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जिन मामलों का मौके पर समाधान संभव है, उन्हें तुरंत निपटाया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी बजट में विधायकों द्वारा दी गई प्राथमिकताओं के अनुरूप आवश्यक बजट प्रावधान करने का प्रयास किया जाएगा ताकि विकास कार्यों को गति मिल सके।

दूसरी ओर भाजपा विधायकों ने बैठक के बाद सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। पार्टी प्रवक्ता एवं सुंदरनगर से विधायक राकेश जामवाल ने आरोप लगाया कि पिछले तीन वर्षों से विपक्षी विधायकों की कई प्राथमिकताएं लंबित पड़ी हैं और कई परियोजनाओं की डीपीआर तक तैयार नहीं की जा रही है। उनका कहना था कि कई स्थानों पर भवन और अन्य विकास कार्य 70 से 80 प्रतिशत तक पूरे हो चुके हैं, लेकिन सरकार उन्हें भी पूरा नहीं कर रही है, जिससे स्थानीय विकास प्रभावित हो रहा है।
भाजपा विधायकों ने यह मुद्दा भी उठाया कि विधायक क्षेत्र विकास निधि और ऐच्छिक निधि पर रोक लगने से क्षेत्रों में छोटे-छोटे विकास कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं। जमबाल ने कहा कि बैठकों में भाजपा विधायकों ने इन मुद्दों को मुख्यमंत्री के समक्ष रखा है और सरकार से लंबित परियोजनाओं को जल्द पूरा करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने प्राथमिकताओं पर सकारात्मक विचार करने का आश्वासन दिया है, लेकिन इन घोषणाओं का वास्तविक असर आगामी बजट सत्र में ही स्पष्ट होगा।
भाजपा ने प्रदेश की वित्तीय स्थिति को लेकर भी सरकार को घेरा। राकेश जमबाल ने कहा कि राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) बंद होने के लिए प्रदेश सरकार जिम्मेदार है, क्योंकि वह वित्त आयोग के समक्ष राज्य का पक्ष मजबूती से नहीं रख पाई। उनका आरोप था कि सरकार बार-बार आर्थिक संकट का हवाला दे रही है, जबकि वित्तीय प्रबंधन को मजबूत करने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं।
प्रदेश की वित्तीय स्थिति पर सरकार द्वारा शिमला में आयोजित विशेष प्रेजेंटेशन को लेकर भी भाजपा ने सवाल उठाए। जमबाल ने कहा कि कई भाजपा विधायकों को इस बैठक का निमंत्रण देर से मिला, जिसके कारण वे पहले से तय कार्यक्रमों के चलते शामिल नहीं हो पाएंगे। उन्होंने सरकार से मांग की कि भाजपा विधायक दल के लिए अलग से प्रेजेंटेशन आयोजित किया जाए ताकि सभी विधायक इसमें भाग ले सकें और राज्य की आर्थिक स्थिति पर सार्थक चर्चा हो सके।
—————
हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा
