चंडीगढ़, 24 फ़रवरी (हि.स.)। हरियाणा विधानसभा में मंगलवार को बजट सत्र के तीसरे दिन वृद्धा पेंशन के मुद्दे पर सरकार और विपक्ष में टकराव देखने को मिला। कालांवाली विधायक शीशपाल केहरवाला ने पेंशन काटने के आरोप लगाए। उन्होंने वेरिफिकेशन के नाम पर रोकी गई पेंशन का ब्यौरा मांगा। समाज कल्याण मंत्री कृष्ण बेदी ने लाभार्थियों के साथ-साथ वह आंकड़ा भी सदन में रखा, जिनकी पेंशन रोकी गई है।

इस मुद्दे पर जब हंगामा काफी बढ़ गया तो मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि विपक्ष ने अफवाह फैला कर पाप किया है। किसी भी बुजुर्ग की पेंशन नहीं काटी गई। उन्होंने कहा कि मोदी और हरियाणा सरकार ने 70 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों को पांच लाख तक मुफ्त उपचार की सुविधा प्रदान की है।

शीशपाल केहरवाला ने पूछा कि कितने लोगों की वृद्धावस्था पेंशन वेरिफाई कराने के नाम पर रोकी गई है। 2024 के बाद कितने पेंशन रोकी गई हैं। इसका क्या पैमाना है। कैबिनेट मंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने बताया कि बुढ़ापा, विधवा दिव्यांग सहित विभिन्न कैटेगरी के एक लाख एक हजार 452 लाभार्थियों की पेंशन उनकी डेथ के बाद रोकी गई है। इसी तरह से जिला समाज कल्याण अधिकारियों की रिपोर्ट व शिकायतों के आधार पर नौ हजार 668 लोगों की पेंशन रोकी है।
—————
हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा
