रांची, 30 मार्च (हि.स.)। झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने सोमवार को राज्य सरकार पर बड़ा निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि शराब घोटाले के बाद भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) आय से अधिक संपत्ति मामले में जेल में बंद आईएएस अधिकारी विनय चौबे पर आज तक चार्जशीट दाखिल नहीं कर पाई।

एसीबी ने उनके पूरे परिवार की संपत्ति खंगाल ली, खबरों में देखा गया कि अवैध रूप से अर्जित नामी बेनामी संपत्ति के तथ्य भी सामने आए। शराब घोटाला में विनय चौबे के स्पष्ट भूमिका भी ख़बरों के माध्यम लोगों के सामने आई। कई आईएएस अधिकारियों ने उनके खिलाफ कोर्ट में गवाही भी दी, इसके बावजूद एसीबी विनय चौबे के खिलाफ समय पर चार्जशीट दाखिल नहीं कर पाई और डिफ़ॉल्ट बेल मिल गया।
उन्होंने कहा कि हालांकि एक बात तो स्पष्ट हो चुका है कि एसीबी का इस्तेमाल सिर्फ लोगों को जेल में रखने, भयादोहन करने, उगाही करने, राजनैतिक व ग़ैर राजनैतिक छोटे-बड़े विरोधियो को तंग-तबाह करने, मानसिक यातना देने, दबाव में रखने और शराब घोटाले के सबूतों को नष्ट करने में हो रहा है। उच्चतम न्यायालय ने भी एसीबी के ऐसे ग़लत कार्यों का संज्ञान लिया है।
उन्होंने कहा कि जिस दिन विनय चौबे की गिरफ्तारी हुई थी, उसी दिन उन्होंने कहा था कि यह गिरफ्तारी सजा देने के लिए नहीं, बल्कि बड़ी मछलियों को सजा से बचाने के लिए हुई है। पिछले 10-11 महीनों से एसीबी कार्रवाई करने का दिखावा कर आंखों में धूल झोंकने का काम करते रही।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को इतना स्पष्ट समझ लेना चाहिए कि सत्ता का दुरुपयोग कर कुछ दिन तक जांच प्रभावित करने और सजा को टालने का प्रयास कर सकते हैं, एसीबी का दुरुपयोग विरोधियों को तंग-तबाह करने में कर सकते हैं, लेकिन याद रखिए अंततः सबका हिसाब होगा। उन्होंने कहा कि पावर और सत्ता के दम पर कानून का दुरुपयोग करने वालों का अंजाम अंत में क्या होता है? याद न हो तो इतिहास उलट कर देख लें मुख्यमंत्री।
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हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे
