जौनपुर, 13 मार्च (हि.स.)। यूपी के जौनपुर में उत्तर प्रदेश खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के विशेष निर्देश पर जनपद में थोक मेडिकल एजेंसियों के स्थायित्व और दस्तावेजों का भौतिक सत्यापन अभियान शुरू कर दिया गया है। जिला औषधि निरीक्षक रजत कुमार पांडेय के निर्देशन में गठित विशेष टीम ने शुक्रवार से मड़ियाहूं और मछलीशहर तहसील क्षेत्रों में औचक निरीक्षण की कार्रवाई शुरू की।

अभियान के पहले ही दिन की जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आने लगे हैं। अब तक 10 थोक मेडिकल फर्मों का औचक निरीक्षण और सत्यापन किया जा चुका है। जांच के दौरान फर्म संचालकों द्वारा आवेदन में दिए गए दुकान और गोदाम के पते का भौतिक सत्यापन किया गया, साथ ही वहां तैनात तकनीकी व्यक्ति (फार्मासिस्ट) की उपस्थिति भी जांची गई।
जिला औषधि निरीक्षक ने बताया कि जिन दुकानों के परिसर किराये पर संचालित हो रहे हैं, उनके रजिस्टर्ड किरायानामे और अन्य वैध दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है। इसके अतिरिक्त संबंधित तहसील प्रशासन के माध्यम से भी दस्तावेजों का सत्यापन कराया जाएगा।
उन्होंने बताया कि औषधि दुकानों के संचालन के लिए शासन द्वारा निर्धारित अनिवार्य मानकों के अनुपालन की भी जांच की जा रही है। इस सत्यापन अभियान का मुख्य उद्देश्य कोडीन और एनआरएक्स श्रेणी की नशीली दवाओं के अवैध भंडारण तथा बिक्री पर प्रभावी रोक लगाना है।
इस संबंध में रजत कुमार पांडेय ने बताया कि शासन द्वारा जारी नई मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के तहत जिले की सभी थोक दवा दुकानों का भौतिक सत्यापन युद्धस्तर पर किया जा रहा है। सत्यापन प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए ड्रग एसोसिएशन के पदाधिकारियों के साथ भी संवाद स्थापित किया गया है।
उन्होंने जिले के सभी मेडिकल एजेंसी संचालकों से अपील की है कि वे सत्यापन प्रक्रिया में विभाग का सहयोग करें। समय पर सत्यापन होने से व्यापार संचालन में पारदर्शिता बनी रहेगी और भविष्य में किसी प्रकार की कानूनी कार्रवाई से भी बचा जा
हिन्दुस्थान समाचार / विश्व प्रकाश श्रीवास्तव
