मुंबई, 24 मार्च (हि.स.)। शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राऊत ने सातारा जिला परिषद में हुए राजनीतिक घमासान को लेकर शिवसेना (शिंदे गुट) की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि सातारा में जो हुआ वह पूरी तरह से गुंडागर्दी और भीड़ की हिंसा थी। सत्ताधारी महायुति में अंदरूनी मतभेद सामने आ गए हैं. शिंदे गुट को अपने कर्मो का फल भुगतना होगा।

राऊत ने सोमवार को प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य में सत्ताधारी सहयोगी दल ज़्यादा समय तक साथ नहीं रह सकते। सातारा में शिंदे गुट के नेताओं को पुलिस ने पीटा। जो लोग लोकतंत्र की हत्या की बात करते हैं, उनके हाथ खुद लोकतंत्र की हत्या से रंगे हुए हैं। विधानसभा की सीढ़ियों पर नारे लगाने वालों श्दे गुट के विधायकों की आलोचना करते हुए राऊत ने कहा कि कल तक बाघ की तरह दहाड़ने वाले नेता अब बिल्लियों की तरह बर्ताव करते दिख रहे हैं। बालासाहेब ठाकरे द्वारा बनाया गया शिवसैनिकों का आत्मविश्वास कहां चला गया। सतारा की घटना “कर्म का फल” थी। ऐसी घटनाएं मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की मदद के बिना नहीं हो सकती थीं।
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हिन्दुस्थान समाचार / वी कुमार
