कोलकाता, 17 मार्च (हि. स.)। वर्ष 2022 के शिक्षक भर्ती घोटाले में नाम सामने आने के बावजूद तृणमूल कांग्रेस ने 2026 के विधानसभा चुनाव के लिए मेखलीगंज सीट से एक बार फिर पूर्व राज्य शिक्षा राज्यमंत्री परेश अधिकारी पर भरोसा जताया है। पार्टी की नई उम्मीदवार सूची में कई चौंकाने वाले फैसले भी सामने आए हैं।

शिक्षक नियुक्ति अनियमितता मामले में परेश अधिकारी और उनकी बेटी अंकिता अधिकारी का नाम सामने आया था। इस मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो और प्रवर्तन निदेशालय ने उन्हें तलब भी किया था। अंकिता अधिकारी पर अवैध तरीके से नौकरी पाने का आरोप लगा था और कलकत्ता उच्च न्यायालय के निर्देश पर उनकी नौकरी भी चली गई थी। उस समय यह मामला राज्य की राजनीति में काफी चर्चा में रहा, हालांकि पार्टी नेतृत्व की ओर से कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई थी। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो ने इस मामले में परेश अधिकारी के खिलाफ आरोप पत्र भी दायर किया था। इसके बावजूद पार्टी ने इस बार भी मेखलीगंज सीट से उन्हें उम्मीदवार बनाया है।
उधर, उम्मीदवार सूची में सबसे बड़ा बदलाव यह माना जा रहा है कि 18 वर्षों से तृणमूल कांग्रेस के जिलाध्यक्ष और पूर्व उत्तर बंग विकास मंत्री रवींद्रनाथ घोष को इस बार टिकट नहीं दिया गया है। उनकी पारंपरिक नाटाबाड़ी सीट से इस बार जिला परिषद के शिक्षा कर्माध्यक्ष शैलेन बर्मन को उम्मीदवार बनाया गया है।
कूचबिहार जिले की अन्य सीटों पर भी कई बदलाव किए गए हैं। माथाभांगा सीट से पिछले चुनाव में उम्मीदवार रहे जिला चेयरमैन गिरींद्रनाथ बर्मन की जगह इस बार प्राध्यापक तथा पंचायत समिति के अध्यक्ष साबलु बर्मन को टिकट दिया गया है।
कूचबिहार उत्तर सीट से पार्टी के पूर्व सांसद पार्थप्रतिम राय को उम्मीदवार बनाया गया है, जबकि कूचबिहार दक्षिण से जिला अध्यक्ष अभिजीत दे भौमिक को मैदान में उतारा गया है। दिनहाटा सीट से मंत्री उदयन गुहा को उम्मीदवार बनाया गया है।
सिताई सीट से वर्तमान विधायक संगीता राय को ही दोबारा उम्मीदवार बनाया गया है। शीतलकुची सीट से राजबंशी भाषा अकादमी के अध्यक्ष हरिहर दास को टिकट दिया गया है। वहीं तुफानगंज सीट से क्रिकेटर शिवशंकर पाल को उम्मीदवार बनाया गया है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि तृणमूल कांग्रेस इस बार अनुभव और नए चेहरों के बीच संतुलन बनाकर चुनावी रणनीति तैयार कर रही है।
हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर
