शिमला, 22 फ़रवरी (हि.स.)। शिमला में नशे के कारोबार पर लगाम कसने के लिए जिला पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है। “जीरो टॉलरेंस” नीति के तहत चल रही मुहिम में पुलिस ने पिछले 25 दिनों में 18 आदतन और संगठित नशा तस्करों को पीआईटी एनडीपीएस एक्ट के तहत जेल भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई नशे की सप्लाई चेन तोड़ने और युवाओं को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से की जा रही है।

इसी क्रम में शनिवार को थाना जुब्बल पुलिस ने दो आरोपियों सुरेश कुमार उर्फ पप्पू और रजत औक्टा उर्फ बन्नी को हिरासत में लेकर कंडा जेल भेज दिया। दोनों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत पहले से कई मामले दर्ज हैं और पुलिस उन्हें आदतन तस्कर मानती है।

पुलिस के मुताबिक सुरेश कुमार उर्फ पप्पू निवासी जुब्बल के खिलाफ वर्ष 2022 और 2023 में थाना जुब्बल में दो मामले दर्ज हुए थे। इन मामलों में उससे क्रमशः करीब 9 ग्राम और 13.10 ग्राम चिट्टा बरामद किया गया था।
वहीं रजत औक्टा उर्फ बन्नी निवासी गुन्ट्र (पुराना जुब्बल) के खिलाफ भी कई बार कार्रवाई हो चुकी है। वर्ष 2019 में थाना रोहड़ू में उससे करीब 6.13 ग्राम चिट्टा बरामद हुआ था। इसके बाद 2023 में थाना जुब्बल में 25.40 ग्राम चिट्टा और वर्ष 2025 में फिर से करीब 6.16 ग्राम हेरोइन/चिट्टा बरामद होने के मामले सामने आए।
पुलिस का मानना है कि आदतन तस्करों को समय रहते जेल भेजने से अवैध कारोबार की कड़ी टूटती है और समाज को नशे के दुष्प्रभावों से बचाया जा सकता है।
एसएसपी शिमला गौरव सिंह का कहना है कि पीआईटी एनडीपीएस एक्ट के तहत की जा रही यह प्रिवेंटिव कार्रवाई संगठित नशा नेटवर्क को कमजोर करने की दिशा में अहम कदम है।
उन्होंने साफ किया है कि “जीरो टॉलरेंस” नीति के तहत आगे भी ऐसी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। साथ ही आम जनता से अपील की गई है कि नशे से जुड़ी किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत नजदीकी पुलिस थाना या हेल्पलाइन पर दें, जिससे समय रहते कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा
