जम्मू,, 02 फ़रवरी (हि.स.)।

केंद्रीय बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए मंत्री सकीना इत्तु ने कहा कि बजट प्रस्तुति एक नियमित प्रक्रिया बनकर रह गई है, जबकि जम्मू-कश्मीर को बेरोजगारी, स्वास्थ्य ढांचे और किसानों की समस्याओं पर विशेष व ठोस कदमों की सख्त जरूरत थी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बढ़ती बेरोजगारी युवाओं के भविष्य के लिए गंभीर चिंता का विषय है, लेकिन बजट में रोजगार सृजन को लेकर कोई प्रभावी योजना सामने नहीं आई।
मंत्री ने यह भी कहा कि जम्मू-कश्मीर में नशाखोरी और कैंसर के मामलों में लगातार इजाफा हो रहा है, जिस पर तत्काल नीति हस्तक्षेप की आवश्यकता है। स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने, किसानों को राहत देने और सामाजिक चुनौतियों से निपटने के लिए बजट में स्पष्ट रोडमैप की कमी रही, जिससे लोगों की उम्मीदें एक बार फिर टूट गई हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / अश्वनी गुप्ता
