मारुति सेवा समिति ने आयोजित किया मातृ-पितृ पूजन समारोह

कोलकाता, 09 फ़रवरी (हि. स.)। बच्चों में संस्कार से सनातन संस्कृति बचेगी एवं सनातन संस्कृति से ही भारत सुदृढ़ होगा। अत: सनातन संस्कृति की रक्षा हमारा प्रथम दायित्व है।’

उपरोक्त बातें वरिष्ठ समाजसेवी परमेश्वरलाल शाह ने मारुति सेवा समिति द्वारा आयोजित मातृ-पितृ पूजन समारोह’ को बतौर अध्यक्ष संबोधित करते हुए कही। समारोह के दौरान सामूहिक मंत्रोच्चार के साथ करीब सौ माता-पिताओं का वंदन-पूजन उनके बच्चों द्वारा किया गया।
प्रधान वक्ता शिक्षाविद् विनोदनंद कुमार ने कहा कि मां बच्चों को सुसंस्कारित करती है, वह उसकी पहली पूजनीया गुरु होती हैं। पार्वती-परमेश्वर के रूप में अपने माता-पिता का पूजन प्रत्येक व्यक्ति को करना चाहिए-यही सनातन धर्म की शिक्षा है। संसार के अन्य धर्मों में कहीं भी नारी जाति का इतना सम्मान नहीं हैं जितना हमारे सनातन धर्म में है। यही हमारी जीवनदायनी शक्ति है।
मां काली के उपासक एवं समारोह के उद्घाटनकर्ता स्वामी तंत्रदेव महाराज ने कहा कि सनातन संस्कृति को बचाये रखने के लिए हमें भावी पीढ़ी को आत्मरक्षा का पाठ पढाना होगा। वहीं स्वामी विशाखानन्द तीर्थ महाराज ने कहा कि अगर हम बटेंगे तो नष्ट होंगे। अत: हम सबको एकजुट रहना होगा।
प्रधान अतिथि व पार्षद विजय ओझा ने कहा कि बच्चों में संस्कार वह बीज है जो न केवल भावी पीढ़ी तैयार करता है बल्कि एक पेड़ के रूप में राष्ट्र का निर्माण करता है।
कार्यक्रम के प्रारंभ में अतिथियों ने भारतमाता का पूजन किया एवं पुलवामा के शहीदों को पुष्पांजलि दी। संतोष सिंह ने गीत प्रस्तुत किया एवं अतिथियों का शॉल ओढ़ाकर स्वागत बृजेन्द्र पटेल, सिद्धार्थ सिंह, दीपक पाण्डेय, अनुराग शुक्ला और हरभजन सिंह ने किया। कार्यक्रम का संचालन मारुति सेवा समिति के संरक्षक नवनीत (गुड्डु दूबे) ने जबकि धन्यवाद ज्ञापन किया अध्यक्ष राजेश कुमार दूबे (वेद व्यास) ने। मंच पर रमेशचंद शोभासरिया, महावीर बजाज, राजेश दूबे (व्यास) एवं इबू सिनाम भी मौजूद थे।
समारोह को सफल बनाने में अजयेन्द्रनाथ त्रिवेदी, बालमुकुन्द, तेजबहादुर सिंह, प्रमोद पुष्टि, सत्यप्रकाश राय, मनीष जैन, बिपुल सक्रिय व अन्य कार्यकर्ता सक्रिय थे।
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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष मधुप
