सागर, 06 मार्च (हि.स.)। मध्य प्रदेश के सागर जिले में किसानों के लिए कृषि कार्य अब और भी सुगम होने जा रहा है। कलेक्टर संदीप जीआर के निर्देशन में शुक्रवार को “ई-विकास (वितरण एवं कृषि उर्वरक आपूर्ति समाधान)” पोर्टल को लेकर एक महत्वपूर्ण जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।

मोतीनगर स्थित महाकवि पद्माकर सभागार में आयोजित इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य उर्वरक वितरण प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाना है। नई व्यवस्था के लागू होने से अब किसानों को खाद के लिए घंटों लाइनों में लगने या सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने की जरूरत नहीं होगी। किसान अब घर बैठे ही ई-टोकन बुक कर सकेंगे। इससे न केवल वितरण व्यवस्था व्यवस्थित होगी, बल्कि कालाबाजारी पर भी अंकुश लगेगा।
प्रशिक्षण कार्यक्रम को प्रभावी बनाने के लिए इसे दो चरणों में विभाजित किया गया था:• प्रथम सत्र: इसमें सागर, राहतगढ़, जैसीनगर, बंडा और रहली विकासखंड के कर्मचारी शामिल हुए।• द्वितीय सत्र: इसमें खुरई, बीना, मालथोन, देवरी, केसली और शाहगढ़ विकासखंड के अमले को प्रशिक्षित किया गया।
भोपाल से आए तकनीकी मार्गदर्शक शाश्वत सिंह (क्रिस्प) ने लाइव डेमो के माध्यम से पोर्टल की कार्यप्रणाली समझाई। उन्होंने बताया कि कैसे पटवारी, ग्राम पंचायत सचिव और समिति प्रबंधक किसानों के ऑनलाइन पंजीयन में सहायता कर सकते हैं।
प्रशिक्षण में जिले भर के पटवारी, ग्राम रोजगार सहायक, समिति प्रबंधक, डबल लॉक केंद्र प्रबंधक और कृषि विस्तार अधिकारी शामिल हुए। अधिकारियों ने निर्देश दिए कि सभी कर्मचारी अपने-अपने क्षेत्रों में जाकर किसानों को इस नई डिजिटल व्यवस्था के प्रति जागरूक करें ताकि सीजन के दौरान किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।
प्रशिक्षण के अंत में एक प्रश्नोत्तरी सत्र आयोजित किया गया, जिसमें कर्मचारियों की शंकाओं का मौके पर ही समाधान किया गया। इस अवसर पर उपसंचालक कृषि राजेश त्रिपाठी, जिला विपणन अधिकारी रोहित बघेल, महाप्रबंधक सीसीबी नीरज दुरेजा, और अधीक्षक भू-अभिलेख चक्रवर्ती सहित कृषि विभाग के तमाम वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / मनीष कुमार चौबे
