सागर, 10 मार्च (हि.स.)। मध्य प्रदेश के सागर जिले में धर्म और संस्कारों के सुप्रसिद्ध अतिशय क्षेत्र मंगलगिरी तीर्थ में अखिल भारतवर्षीय दिगंबर जैन महिला परिषद (मध्य प्रदेश शाखा) द्वारा आयोजित दो दिवसीय द्वि-वार्षिक प्रांतीय अधिवेशन एवं अलंकरण समारोह “पारिजात” मंगलवार को भव्यता के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम में प्रदेश भर से आईं परिषद की सदस्यों ने भाग लिया, जहाँ समाज सेवा और महिला सशक्तिकरण के संकल्प को दोहराया गया।

कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित सागर विधायक शैलेंद्र कुमार जैन ने दीप प्रज्वलन कर समारोह का शुभारंभ किया। अपने संबोधन में उन्होंने जैन समाज के संस्कारों की प्रशंसा करते हुए कहा कि जैन समाज न केवल समृद्ध है, बल्कि सेवा और संस्कारों में भी अग्रणी है। उन्होंने मातृशक्ति की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि समाज को सकारात्मक दिशा देने में महिलाओं का योगदान अतुलनीय है।
विधायक जैन ने की कार्यालय के लिए 50 लाख रुपये देने की घोषणाविधायक जैन ने परिषद की गतिविधियों को गति देने के उद्देश्य से एक बड़ी घोषणा की। उन्होंने कहा कि यदि परिषद को भूमि उपलब्ध हो जाती है, तो कार्यालय निर्माण के लिए वे 50 लाख रुपये की राशि विधायक निधि या अन्य माध्यमों से प्रदान करेंगे।
परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री एवं आगामी अध्यक्ष अनिल जैन ने संगठन की भविष्य की कार्ययोजनाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि परिषद किस प्रकार सेवा कार्यों के माध्यम से अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक पहुँच रही है। वहीं, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष ए.के. जैन और प्रांतीय अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक सुनील जैन ने संगठन के विस्तार और वर्तमान में किए जा रहे सामाजिक कार्यों की सराहना की।
अधिवेशन के दौरान समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली प्रतिभावान महिलाओं को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम की आयोजक एवं प्रांतीय अध्यक्ष डॉ. आशा जैन और कपिल मलैया ने अतिथियों का स्वागत किया और कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की।
इस अवसर पर जैन समाज की प्रबुद्ध महिलाएं और परिषद की पदाधिकारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहीं। यह अधिवेशन न केवल संगठन की मजबूती का प्रतीक बना, बल्कि विधायक द्वारा की गई आर्थिक घोषणा से परिषद के भविष्य के प्रकल्पों को नया संबल मिला है। कार्यक्रम के अंत में सफल आयोजन के लिए पूरी टीम को बधाई दी गई।
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हिन्दुस्थान समाचार / मनीष कुमार चौबे
