रामगढ़, 01 अप्रैल (हि.स.)। जिले के सिरका कोलियरी में आउटसोर्सिंग काम को लेकर बुधवार को विवाद हो गया। नगर परिषद उपाध्यक्ष रणधीर गुप्ता और मांडू विधायक निर्मल कुमार महतो उर्फ तिवारी महतो आमने-सामने हो गए। सिरका कोलियरी में आउटसोर्सिंग का काम कर रही कंपनी कृष्णा इंफ्रास्ट्रक्चर का काम स्थानीय ग्रामीणों ने रोक दिया था। इसके बाद उस कंपनी का काम कराने के लिए पोकलेन मशीन के साथ मांडू विधायक निर्मल कुमार महतो उर्फ तिवारी महतो खुद पहुंच गए। उनके पहुंचते ही यह विवाद और अधिक गहरा गया। उपाध्यक्ष रणधीर कुमार गुप्ता और मांडू विधायक तिवारी महतो के बीच कहां सुनी और तू-तू-मैं-मैं भी हुई।

मामले में नगर परिषद उपाध्यक्ष रणधीर कुमार गुप्ता ने रामगढ़ थाने में आवेदन दिया। उन्होंने कहा कि सिरका कोलियरी में हुए विवाद को समझने के लिए वे पहुंचे थे। जिस स्थान पर कृष्णा इंफ्रास्ट्रक्चर नामक कंपनी काम करने के लिए टेंडर लेकर बैठी थी। थाने में दिए गए आवेदन उन्होंने कहा कि कुछ असामाजिक तत्व आउटसोर्सिंग कंपनी के साथ मिलकर बाजबरन नियम के विरुद्ध पोकलेन मशीन के साथ चानक बस्ती से सटी खाली जमीन पर मिट्टी हटाकर कोयला खनन के लिए खदान का विस्तार करने का प्रयास कर रहे थे। इसपर चानक बस्ती के ग्रामीणों के द्वारा इसका विरोध किया जा रहा था।
उन्होंने कहा कि विधायक अपने समर्थकों के साथ वहां पहुंचे और आउटसोर्सिंग कंपनी कृष्णा इंफ्रास्ट्रक्चर का पोकलेन मशीन लेकर जबरन खनन कार्य करने के लिए नियम विरुद्ध तरीके से मिट्टी हटाने का प्रयास करने लगे। इसका विरोध ग्रामीणों के द्वारा किया जा रहा था। जब नगर परिषद उपाध्यक्ष वहां पहुंचे तो निर्मल महतो उनके साथ उलझ गए और ग्रामीणों के साथ गाली-गलौज करने लगे। साथ ही उनकी पिटाई करने और जान से मारने की धमकी देने लगे। इस बीच सीसीएल के कुछ अधिकारियों ने बीच बचाव किया और विधायक निर्मल महतो को विवादित स्थल से हटा दिया। उन्होंने पुलिस को बताया कि विधायक निर्मल महतो जानबूझकर पूरी तैयारी के साथ ग्रामीणों को डरा धमकाकर अचानक बस्ती खाली कराने और नगर परिषद के उपाध्यक्ष चुनाव में जीत की दुर्भावना से ग्रसित होकर विरोध कर रहे थे।
वहीं मामले में विधायक ने भी नगर परिषद उपाध्यक्ष पर सिरका कोलियरी में रंगदारी मांगने का आरोप लगाया है। हालांकि उन्होंने रामगढ़ थाने में कोई आवेदन नहीं दिया है। मीडिया से बात करने पर उन्होंने कहा कि कोलियरी में किसी की भी रंगदारी नहीं चलेगी। जो नियमसम्मत कार्य होगा, वही होगा। उन्होंने कहा कि नगर परिषद उपाध्यक्ष रंगदारी वसूलने की मंशा से वहां पहुंचे थे, जिसका उन्होंने विरोध किया।
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हिन्दुस्थान समाचार / अमितेश प्रकाश
