सिलीगुड़ी, 10 मार्च (हि. स.)। भाजपा की परिवर्तन यात्रा शुरू होने से कुछ घंटे पहले सोमवार रात सिलीगुड़ी में तृणमूल कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं के बीच तीखी बहस हो गई। यह विवाद सिलीगुड़ी सब-डिविजनल काउंसिल के अध्यक्ष और तृणमूल नेता अरुण घोष तथा माटीगाड़ा-नक्सलबाड़ी विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक आनंदमय बर्मन के बीच कार्यक्रम स्थल के पास की तैयारियों को लेकर हुआ।

सूत्रों के अनुसार, शुरुआत में विवाद पार्टी के झंडे लगाने और कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर था, लेकिन बाद में यह चुनावी मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिविजन और इलाके में विकास कार्यों के मुद्दे तक पहुंच गया। सूचना पाकर नक्सलबाड़ी थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। तनाव को देखते हुए केंद्रीय बलों ने इलाके में रूट मार्च किया। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पुलिस भी तैनात कर किए गए हैं।
भाजपा की परिवर्तन यात्रा के मद्देनजर मंगलवार को नक्सलबाड़ी बस स्टैंड पर एक सभा भी आयोजित की गई। सभा की तैयारी के तहत सोमवार रात भाजपा कार्यकर्ता बस स्टैंड इलाके में पार्टी के झंडे लगा रहे थे। इसी दौरान स्थानीय भाजपा विधायक आनंदमय बर्मन वहां तैयारियों का जायजा लेने पहुंचे। उसी इलाके में तृणमूल नेता और सिलीगुड़ी सब-डिस्ट्रिक्ट काउंसिल के अध्यक्ष अरुण घोष का घर भी है। दो दिन बाद उसी स्थान पर तृणमूल कांग्रेस की भी एक बैठक प्रस्तावित है। इस कारण तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने भी अपने पार्टी के झंडे लगाने शुरू कर दिए, जिससे दोनों पक्षों के बीच विवाद हो गया।
मंगलवार सुबह भाजपा विधायक आनंदमय बर्मन ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस हमारी सभा को विफल करने की योजना बना रही थी। परिवर्तन यात्रा और सभा को लेकर जनता की प्रतिक्रिया से वे डर गए हैं, इसलिए यहां परेशानी खड़ी कर रहे हैं। भाजपा विधायक ने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ता भाजपा के झंडे हटाकर वहां सत्तारूढ़ दल के झंडे लगाने की साजिश कर रहे थे।
हालांकि तृणमूल नेता अरुण घोष ने इस आरोप को खारिज कर दिया। घोष ने कहा कि भाजपा ने इस क्षेत्र में कोई विकास कार्य नहीं किया है। सारा विकास ममता बनर्जी ने किया है। यहां के लोगों से पूछिए, सभी यही कहेंगे। एसआईआर के बाद मतदाता सूची से कई नाम हटा दिए गए हैं। इस बार यहां लोग भाजपा को वोट नहीं देंगे।
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए आनंदमय बर्मन ने कहा कि असली जवाब तब मिलेगा जब विधानसभा चुनाव के बाद हिंदू वोटों की गिनती होगी। पहले यह बताइए कि आप यहां से कैसे जीतेंगे।
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हिन्दुस्थान समाचार / अभिमन्यु गुप्ता
