बनबसा, 8 फरवरी (हि.स.)। उत्तराखंड के चंपावत जिले के बनबसा एनएचपीसी सभागार, बनबसा में आयोजित बजट-पूर्व संवाद कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य के विकास, आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था और जनभागीदारी पर जोर दिया।कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, विशेषज्ञों और अधिकारियों ने सरकार को सुझाव दिए।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य में महिलाओं की सुरक्षा और स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए हर गांव में पिंक टॉयलेट जैसी सुविधाओं पर काम किया जा रहा है। उन्होंने वर्ष 2047 तक उत्तराखंड को आत्मनिर्भर बनाने का संकल्प दोहराया और कहा कि बजट तभी प्रभावी होता है जब उसमें जनता की आवाज़ शामिल हो।

वित्त सचिव दिलीप जावलकर ने बताया कि पिछले पांच वर्षों में उत्तराखंड का कैपिटल आउटले 7,534 करोड़ से बढ़कर 14,765 करोड़ और जीडीपी 2.54 लाख करोड़ से 4.74 लाख करोड़ तक पहुंच गई है। जो लगभग 60 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाती है।
संवाद में ग्रामीण विकास, कचरा प्रबंधन, पंचायतों और नगर निकायों को संसाधन उपलब्ध कराने, सोलर ऊर्जा बढ़ाने और सड़कों-नालियों के रखरखाव सहित विभिन्न मुद्दों पर सुझाव दिए गए। कृषि क्षेत्र में कीवी और ब्लूबेरी जैसे उच्च मूल्य वाले फलों का उत्पादन बढ़ाने, पोस्ट-हार्वेस्ट प्रबंधन और तकनीकी प्रशिक्षण को बढ़ावा देने की मांग भी उठी।
उद्योग और रोजगार के क्षेत्र में पर्वतीय क्षेत्रों में उद्योग स्थापित करने, एमएसएमई को वित्तीय सहायता देने और महिला सशक्तिकरण के लिए प्रशिक्षण केंद्र और रोजगार के अवसर बढ़ाने पर जोर दिया गया। पर्यटन क्षेत्र में हेली सेवाओं के विस्तार, वैकल्पिक मार्गों और सस्टेनेबल टूरिज्म को बढ़ावा देने की बात कही गई।
कार्यक्रम में प्रमुख सचिव वन आर.के. सुधांशु, पर्यटन सचिव धीराज गर्ब्याल, कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत, जिलाधिकारी चम्पावत मनीष कुमार और जिला पंचायत अध्यक्ष आनंद सिंह अधिकारी सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / राजीव मुरारी
