कानपुर, 12 मार्च (हि.स.)। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान योजना में कमजोर प्रदर्शन करने वाले निजी बैंकों को अपनी कार्यप्रणाली में सुधार लाते हुए लंबित आवेदनों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करना होगा। यह बातें गुरुवार को मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) दीक्षा जैन ने कहीं।

विकास भवन सभागार में मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में विभिन्न सरकारी योजनाओं में बैंकों के प्रदर्शन की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान योजना में कई निजी बैंकों के कमजोर प्रदर्शन पर उन्होंने कड़ी नाराजगी जताई और एक्सिस बैंक को अंतिम चेतावनी दी। साथ ही संबंधित बैंकों के जिला समन्वयकों को नोटिस जारी करने के निर्देश अग्रणी जिला प्रबंधक को दिए।
बैठक में मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान, एग्रीजंक्शन योजना, माटीकला योजना, पीएमएफएमई योजना तथा मिनी नंदिनी योजना के अंतर्गत लंबित आवेदनों की बैंकवार और शाखावार समीक्षा की गई। मुख्य विकास अधिकारी ने सभी बैंकों को निर्देश दिया कि एक सप्ताह के भीतर लंबित आवेदनों का गुण-दोष के आधार पर निस्तारण करते हुए स्वीकृति और वितरण सुनिश्चित किया जाए।
समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान योजना में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का प्रदर्शन बेहतर पाया गया। योजना के अंतर्गत बैंक ऑफ बड़ौदा ने 508, भारतीय स्टेट बैंक ने 421, इंडियन बैंक ने 310, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया ने 289 तथा पंजाब नेशनल बैंक ने 279 आवेदनों का वितरण किया, जिसे संतोषजनक माना गया।
इसके विपरीत निजी क्षेत्र के कई बैंकों का प्रदर्शन बेहद कमजोर रहा। एक्सिस बैंक और आईडीएफसी फर्स्ट बैंक ने मात्र एक-एक आवेदन वितरित किया, जबकि कोटक महिंद्रा बैंक, यस बैंक और इंडसइंड बैंक ने पूरे वित्तीय वर्ष के 11 महीनों में एक भी पात्र लाभार्थी को योजना का लाभ नहीं दिया। इस पर मुख्य विकास अधिकारी ने कड़ा रोष व्यक्त करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार की इस महत्वपूर्ण योजना में सभी बैंकों की सक्रिय भागीदारी अपेक्षित है।
बैठक में बताया गया कि योजना के अंतर्गत जनपद को 3000 आवेदन वितरण का लक्ष्य दिया गया है, जिसके सापेक्ष अब तक 2750 आवेदन वितरित किए जा चुके हैं। मुख्य विकास अधिकारी ने सभी बैंकों को निर्देश दिया कि मार्च माह के शेष दिनों में रणनीति बनाकर लक्ष्य की शत-प्रतिशत प्राप्ति सुनिश्चित करें।
हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप
