रीवा, 10 मार्च (हि.स.)। मध्य प्रदेश के रीवा जिले में नए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. यत्नेश त्रिपाठी ने पदभार संभालते ही स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने की दिशा में कदम तेज कर दिए हैं। लंबे समय से सीएमएचओ पद को लेकर चल रही खींचतान के कारण विभागीय कार्य प्रभावित हो रहे थे और नियमित व संविदा कर्मचारियों के वेतन भुगतान में भी देरी हो रही थी।

डॉ. त्रिपाठी ने एक भेंटवार्ता में बताया कि मार्च माह में विभाग का मुख्य फोकस कर्मचारियों के लंबित वेतन का भुगतान कराने पर रहेगा, ताकि सभी कर्मचारी संतुष्ट होकर अपने दायित्वों का निर्वहन कर सकें। उन्होंने कहा कि वेतन संबंधी प्रक्रिया पूरी होने के बाद जिले के विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों का दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया जाएगा।
सीएमएचओ ने स्वास्थ्य विभाग से जुड़े सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रीय मुख्यालयों में ही निवास करें, जिससे आम जनता को समय पर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाना विभाग की प्राथमिकता है, ताकि शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ दूरस्थ ग्रामीण अंचलों के लोगों को भी उपचार की समुचित सुविधा मिल सके।
डॉ. त्रिपाठी ने कहा कि जो कर्मचारी सक्रियता और जिम्मेदारी से कार्य करेंगे उन्हें प्रोत्साहित किया जाएगा, जबकि लापरवाही बरतने वालों के विरुद्ध कार्रवाई भी की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि जनहित से जुड़े राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, जिससे जिला विकास और प्रगति के मामले में पीछे न रहे।
कर्मचारियों के अटैचमेंट के संबंध में उन्होंने कहा कि शासन स्तर से जो भी दिशा-निर्देश प्राप्त होंगे, उसी के अनुरूप आवश्यक प्रक्रिया अपनाई जाएगी। उन्होंने अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि जिले में संचालित सभी स्वास्थ्य संस्थानों को सक्रिय और सुदृढ़ बनाना उनका लक्ष्य है, ताकि क्षेत्रवासियों को बीमारी के उपचार की सुविधा सहज रूप से उपलब्ध हो सके। इसके लिए आवश्यक कदम कानूनी दायरे में रहकर उठाए जाएंगे।
हिन्दुस्थान समाचार / हीरेन्द्र द्विवेदी
