कानपुर, 07 फरवरी (हि.स.)। छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय के 61वें स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित फाउंडेशन वीक के अंतर्गत स्कूल ऑफ बिजनेस मैनेजमेंट द्वारा शनिवार को एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का विषय “भारत की आर्थिक उन्नति में बजट का प्रभाव” रहा, जिसमें छात्रों और शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

कार्यशाला के मुख्य अतिथि एवं वक्ता आईटीएजी बिजनेस सॉल्यूशन के फाउंडिंग डायरेक्टर एवं चार्टर्ड अकाउंटेंट धनपत राम अग्रवाल रहे। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि केंद्रीय बजट देश की आर्थिक दिशा और प्राथमिकताओं को तय करने वाला सबसे महत्वपूर्ण नीति दस्तावेज है। बजट के माध्यम से सरकार अवसंरचना, उद्योग, कर प्रणाली, रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में निवेश को बढ़ावा देकर आर्थिक विकास को गति देती है।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2025–26 में वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बावजूद भारत ने 7.4 प्रतिशत की मजबूत आर्थिक विकास दर हासिल की, जबकि वैश्विक औसत वृद्धि दर 3.2 प्रतिशत रही। यह भारत की संतुलित बजटीय नीति, मजबूत घरेलू मांग और संरचनात्मक सुधारों का परिणाम है। उन्होंने कहा कि भारत वर्तमान में विश्व की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है।
कार्यक्रम में विभाग के निदेशक सुधांशु पांड्या ने कहा कि ज्ञान-आधारित अर्थव्यवस्था के दौर में युवाओं को अपने तकनीकी, व्यावसायिक और प्रयोगात्मक कौशल को लगातार विकसित करना चाहिए। कार्यक्रम का संचालन गौरी भदोरिया ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन विवेक सिंह सचान द्वारा प्रस्तुत किया गया। इस अवसर पर विभाग के अन्य शिक्षक और बड़ी संख्या में छात्र उपस्थित रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप
