जम्मू, 07 मार्च (हि.स.)। शिक्षा शास्त्र मंच के अंतर्गत जम्मू केंद्रीय विश्वविद्यालय के शैक्षिक अध्ययन विभाग ने ‘वर्तमान परिदृश्य में राजकोषीय और मौद्रिक नीति की प्रासंगिकता’ विषय पर एक व्याख्यान का आयोजन किया। अपने प्रारंभिक संबोधन में विभागाध्यक्ष प्रोफेसर असित मंत्री ने जम्मू केंद्रीय विश्वविद्यालय के छात्रों के साथ संवाद करने के लिए देश भर से विशेषज्ञों को आमंत्रित करने हेतु मार्गदर्शन और प्रोत्साहन देने के लिए कुलपति प्रोफेसर संजीव जैन को धन्यवाद दिया।

कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों को समकालीन आर्थिक नीति के मुद्दों और वर्तमान आर्थिक परिवेश में उनकी प्रासंगिकता के बारे में उनकी समझ को बढ़ाना था। व्याख्यान दिल्ली विश्वविद्यालय के इंद्रप्रस्थ महिला महाविद्यालय के सहायक प्रोफेसर डॉ. भूषण कुमार द्वारा दिया गया। कार्यक्रम की समन्वयक सुश्री माहेश्वरी शर्मा ने अतिथि वक्ता का औपचारिक स्वागत किया और उन्हें श्रोताओं से परिचित कराया। छात्रों के साथ संवाद के दौरान डॉ. भूषण कुमार ने वर्तमान परिदृश्य में आर्थिक स्थिरता बनाए रखने, मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने और सतत आर्थिक विकास को बढ़ावा देने में राजकोषीय और मौद्रिक नीतियों के महत्व पर प्रकाश डाला।
यह व्याख्यान छात्रों के लिए अत्यंत ज्ञानवर्धक और रुचिकर सिद्ध हुआ। देश में बेरोजगारी की वर्तमान स्थिति के बारे में एक छात्र के प्रश्न के उत्तर में डॉ. भूषण ने बताया कि बेरोजगारी की संरचना किस प्रकार विकसित हो रही है और उससे निपटने के लिए क्या तरीके अपनाए जा सकते हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / रमेश गुप्ता
